किसी नेता का कैरियर उसके द्वारा रचे गए आख्यान पर निर्भर होता है लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री की गद्दी तक सार्वजनिक सेवा के जो 20 वर्ष मोदी के रहे हैं उससे कोई आख्यान नहीं उभरता.
दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना आम जनता के बीच इस बल की छवि सुधारना चाहते हैं. लेकिन वास्तव में इसका कोई मायने नहीं है—यकीन न हो तो भारत के गृह मंत्रालय को ही देख लीजिए.
जब वो पीएम नहीं थे, तो इमरान खान पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण और उनके जबरन धर्मांतरण का मुद्दा उठाया करते थे. अब वो धार्मिक दक्षिणपंथियों को खुश करने में लगे हैं.
सेक्युलरिज्म और कम्युनलिज्म का खेल सिर्फ बीजेपी नहीं खेल रही है. ये खेल सेक्युलर कहे जाने वाले दल भी खेल रहे हैं क्योंकि इसकी वजह से उन्हें एकमुश्त मुसलमान वोट मिल जाते हैं.
पत्रकारों के एक संघ ने टैक्स से छूट देने वाले ठिकानों में पैसे जमा करने वालों की पैंडोरा लिस्ट का पता लगाया तो जवाबदेही की जरूरत महसूस की जाने लगी जबकि इसके नाम पर दिखावा ही किया जाता रहा है.
कश्मीर मसले को निबटाने के लिए पंजाब में अमन चाहिए. जानी-पहचानी बाहरी ताकतों को 30 साल पहले इन दोनों राज्यों में आग लगा देने का जो मौका मिल गया था वह उन्हें फिर से देने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता.
वर्दी-पोशाक और लड़ाई में धारण किए जाने वाले कवच आदि के मामले में हमारे सैनिक दुनिया में सबसे कमजोर हैं, और उनके अस्त्र-शस्त्र के बारे में जितना कम कहा जाए उतना बेहतर.
प्रश्नम ने दिल्ली के 38 विधान चुनाव क्षेत्रों में 300 घरों के पेरेंट्स से, देशभक्ति की भावना भरने के लिए, बच्चों के पाठ्यक्रम में देशभक्ति पढ़ाए जाने के बारे में पूछा.