कई लोगों को लगता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के विकास से प्राचीन हिंदू आस्था सम्मानित हुई है, लेकिन यह उस मौलिकता को नष्ट कर रहा है जिसने वाराणसी को विशिष्ट शहर बनाया था
वाराणसी प्रशासन के अधिकारी धारकर बस्ती पर पहुंचे और उनसे कहा गया कि प्रधानमंत्री जी दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति के अनावरण के लिए आ रहे हैं इसलिए वो लोग यहां से दो–तीन दिनों के लिए हट जाएं.
कुल 12 सवाल थे, सीधे-सादे और दो-टूक जिससे यह जानना था कि क्या दिप्रिंट की दिशा सही है? इसके पाठक कौन हैं? वो दिप्रिंट में क्या पढ़ते हैं? वे उसकी सामग्री से कितना संतुष्ट हैं?
हिंदू धर्म के गैर-भाजपाई समर्थक यह नहीं समझ रहे हैं कि हिंदुत्व की सफलता दरअसल उनकी वाली धर्मनिरपेक्षता की नाकामी का नतीजा है. अगर वे हिंदुत्व का विकल्प प्रस्तुत करने को सच में गंभीर हैं तो उन्हें भारत की जमीनी हकीकतों पर ध्यान देना ही होगा.