स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास का कैनेडी सेंटर मोनोलॉग ‘टू इंडियाज’ 2014 से पहले की पुरानी यादों और उन बातों पर आधारित है जिन्हें हर उदारवादी की तरफ से जबरन दफना दिया गया है.
वायु-प्रदूषण या फिर जलवायु-परिवर्तन का मसला चाहे कितना भी गंभीर हो, यह आप से आप तो राजनीतिक मुद्दा बनने से रहा. इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना की मशक्कत करनी पड़ेगी.
भारत में ‘नायका’ नामक ब्युटी कंपनी की सफलता पर खुश होने के साथ हमें यह भी जानना चाहिए कि आज कितनी युवा महिलाएं रोजगार करने का फैसला कर सकती हैं या वाकई रोजगार कर सकती हैं
गृह मंत्री अमित शाह के लिए काम निश्चित हैं, लेकिन अगर वे उत्तर प्रदेश की राजनीति में उलझे हुए हैं तो इसकी वजह यह है कि भाजपा उन पर बहुत ज्यादा निर्भर है
मोदी के राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अफरातफरी 2014 के बाद से ही मची हुई है, और मोदी ने भारत के मुख्यमंत्रियों की महत्वाकांक्षा को पर लगा दिए हैं.
2020 से पहले मोदी सरकार का आर्थिक रेकॉर्ड उतना ‘बुरा’ नहीं था जैसा मनमोहन सिंह ने अनुमान लगाया था, लेकिन आर्थिक वृद्धि भी दहाई अंकों वाले आंकड़े की ओर नहीं बढ़ी; सरकार कोविड के दौरान लड़खड़ाती और फिर भूलों से सबक लेती दिखी
बौद्धिक आलस के शिकार होने वालों में सलमान खुर्शीद अकेले नहीं हैं इसलिए उनसे सीख लेने से पहले कांग्रेसनेताओं को आइएसआइएस और चुनावी राजनीति के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए.
तरक्की के सपने संजोने वाले और इसके लिए शुद्ध अंग्रेजी बोलने के चक्कर में मादरी जुबान को भुलाने की जुगत में लगे हिन्दुस्तानियों की हालत जितनी त्रासद है, उतनी ही प्रहसनात्मक भी.
पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) सरकार और कैंसर संस्थानों ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एचपीवी टीकाकरण के विस्तार और स्व-नमूना आधारित...