यह समझने की जरूरत है कि जो लोकलुभावन घोषणाएं जिस जनता के लिए की जाती हैं वह पैसा राजनीतिक दलों द्वारा स्वयं अर्जित नहीं बल्कि करदाताओं का पैसा होता है जिसका परोक्ष भार कर के रुप में फिर से उनके ऊपर ही आता है.
यह अनुमान लगा पाना मुश्किल है कि यूक्रेन में महाशक्तियों के बीच जारी संघर्ष कब खत्म होगा. लेकिन, इतना तय है कि यह हर हाल में, दशकों तक भारत की विदेश नीति को प्रभावित करेगा.
भाजपा के आलाकमान - अमित शाह, नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ आदि भ्रष्टाचार, जातिवाद, गुंडागर्दी आदि मुद्दों पर एक रणनीति के तहत अखिलेश यादव को चारों तरफ़ से राजनीतिक घेराबंदी करने का प्रयास कर रहे हैं.