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Saturday, 28 March, 2026
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मस्जिद की जगह मंदिर की पुनर्स्थापना का तर्क मानने से पहले इन चार बातों को सोच लें

अगर ये मानकर चलें कि मुगलकालीन भारत के शासक ऐतिहासिक अन्याय के कर्ता थे तो फिर हम किस तर्क से ये बात कहेंगे कि आज जो हमें मुस्लिम नजर आते हैं वे मुगलकालीन मुस्लिम शासकों के वंशज हैं?

न सुन-जू न ही कन्फ्यूशियस, शी जिनपिंग समेत चीन के आला नेता किस ‘दार्शनिक’ से ले रहे सबक

चीनी राज्य-व्यवस्था ज्यादा-से-ज्यादा अधिनायकवादी होती गई है, जिसके पीछे उस दर्शन का हाथ है जो सरकारी सत्ता हासिल करने, इनाम और सजा देने पर ज़ोर देता है.

अमेरिका ने अफगान हार का ठीकरा पाकिस्तान की सीमा बंद कराने की विफलता पर फोड़ा, क्या भारत गौर करेगा

अमेरिका अपने ताकतवर संसाधनों के जरिए पाकिस्तान को तालिबान की सीमा पार पनाहगाहों को बंद करवाने को मजबूर कर सकता था. उसने ऐसा नहीं किया और जीत गंवा बैठा.

100 सालों के सफर में ‘निष्ठा धृति: सत्यम्’ की भावना को दिल्ली विश्वविद्यालय ने कैसे सहेजे रखा

दिल्ली विश्वविद्यालय की कहानी आज से लगभग 111 वर्ष पूर्व आरंभ हुई थी जब भारत की राजधानी कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) से स्थानांतरित होकर दिल्ली बनी थी.

प्रधानमंत्री जी, हिंदुत्व ब्रिगेड को इस्लामी इतिहास पर हमले करने से सिर्फ आप रोक सकते हैं

लेकिन सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुत्व ब्रिगेड को कब कहेंगे कि भारत के समृद्ध इतिहास पर हमले उनके मन में जोश नहीं भरते.

BJP आलाकमान जब मुख्यमंत्री बनाने या पद से हटाने की बात करे तो तुक और कारण की तलाश न करें

भाजपा आलाकमान द्वारा किसी को मुख्यमंत्री बनाने या उस पद से हटाने के फैसले को लेकर किसी तुकबंदी और कारण की तलाश न करें. क्योंकि ऐसा कोई कारण होता ही नहीं है.

चुनावी फायदे के लिए BJP ज्ञानवापी को बाबरी भले ही बना ले, लेकिन ये भारत को काले इतिहास की तरफ ले जाएगा

सेकुलर जमात इस मुगालते में न रहे कि 1991 में जारी किया गया उपासना स्थल अधिनियम मंदिर-मस्जिद विवादों पर लगाम लगा देगा, यह मुगालता हर दिन गलत साबित हो रहा है.

UP में क्या कहती है गरीबों के राशन और राशनकार्डों की उच्च और मध्यम वर्गों द्वारा की गई यह लूट

इसी भ्रष्टाचार के चलते बड़ी संख्या में उच्च व मध्य वर्ग के लोगों ने गरीबों वाले राशनकार्ड बनवा रखे हैं, जिनकी बिना पर वे, जैसे गरीबों के लिए बताई जाने वाली दूसरी योजनाओं के वैसे ही, मुफ्त राशन योजना के लाभ भी लूटते रहे हैं.

भारत ने देशद्रोह कानून पर खूब बहस की लेकिन बिना न्याय व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव के यह नहीं जाएगा

निवारक नज़रबंदी का चलन जारी है क्योंकि भारत में पुलिस की जांच प्रक्रिया में बहुत बदलाव नहीं किया गया, और न ही मुकदमा चलाने वालों में उतना कानूनी कौशल है.

किस गांव से शुरू हुई हरित क्रांति, गेंहू निर्यात पर रोक से खुश हुए जहां के किसान

जोंती मुख्य रूप से जाटों का गांव हैं. पर इधर वाल्मिकी, ब्राहमण, सैनी और दूसरी जातियों के परिवार भी रहते हैं. जोंती में आपको पंच,पंचायत हुक्का,सिर ढकी महिलाएं दिखती हैं.

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मुजफ्फरनगर में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार महिला और उसके बेटे की मौत

मुजफ्फरनगर (उप्र), 28 मार्च (भाषा) मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार महिला और उसके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.