छह राज्यों में 3 नवंबर के उपचुनाव पहली नजर में राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वहीन लग सकते हैं. लेकिन इन्हें भाजपा की राजनीतिक बिसात पर रखकर देखेंगे तो समझ आएगा कि पार्टी के लिए इनके क्या मायने हैं.
पूर्वी एशिया की तुलना में भारत का सरकारी क्षेत्र जीडीपी के हिसाब से बड़ा है. फिर भी, हर मामले में हमारी सार्वजनिक सेवाएं खराब स्तर की हैं. यह जांचना भी बेहतर होगा कि हमारी सरकारें वास्तव में क्या प्रदर्शन कर रही हैं और किस कीमत पर.
मस्क ने इस बात के संकेत जरूर दिए हैं कि वह चाहते हैं कि ट्विटर पर सिटीजन जर्नलिज्म फले- फूले और स्थानीय समाचार माध्यमों को और अधिक प्रमुखता मिलनी चाहिए.
कभी फौज के शब्द सरकार के लिए हुक्म के समान हुआ करते थे. वह प्रधानमंत्रियों को तख्तनशीन कर सकती थी, उनका तख्तापलट कर सकती थी, देश निकाला दे सकती थी या कत्ल तक करवा सकती थी लेकिन आज उसे नेताओं से मात खाने का डर सता रहा है.
मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम बजट में अगर वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.5 फीसदी के बराबर रखती है तो वह वित्तीय मजबूती हासिल करने के उपायों को विश्वसनीय बनाएगी.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तो अपने अफ्रीकी-अमेरिकी मूल की खूब चर्चा की थी मगर ऋषि सुनक खुद को ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के बस एक और नेता के रूप में देखा जाना पसंद करते हैं.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.