कभी फौज के शब्द सरकार के लिए हुक्म के समान हुआ करते थे. वह प्रधानमंत्रियों को तख्तनशीन कर सकती थी, उनका तख्तापलट कर सकती थी, देश निकाला दे सकती थी या कत्ल तक करवा सकती थी लेकिन आज उसे नेताओं से मात खाने का डर सता रहा है.
मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम बजट में अगर वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.5 फीसदी के बराबर रखती है तो वह वित्तीय मजबूती हासिल करने के उपायों को विश्वसनीय बनाएगी.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तो अपने अफ्रीकी-अमेरिकी मूल की खूब चर्चा की थी मगर ऋषि सुनक खुद को ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के बस एक और नेता के रूप में देखा जाना पसंद करते हैं.
अल्पेश और हार्दिक दोनों बीजेपी में तो हैं, लेकिन वे अब पार्टी के भीतरी ताकतों के साथ नहीं जुड़ सकते. इकलौते झंडाबरदार जिग्नेश को खुद को वैकल्पिक आवाज के रूप में स्थापित करने के लिए एक लंबा सफर तय करना है जिसे गंभीरता से सुना जाए, और जिसके साथ चला जाए.
हिंदी माध्यम से विज्ञान और चिकित्सा की पढ़ाई की मुश्किल यही रही है कि अगर तकनीकी शब्दों का हिंदी बनाया जाता है तो वे समझ के परे होते हैं और छात्रों को अंग्रेजी का सहारा लेना पड़ता है.
जज जहां कॉलेजियम सिस्टम को न्यापालिका की स्वतंत्रता में सरकार का दखल न देने के तौर पर देखते हैं, वहीं केंद्र सरकार का मानना है जज इस सिस्टम के जरिए राजनीति और गुटबाजी में व्यस्त रहते हैं.