जर्मनी में जासूसी के दोषी रॉ की संपत्तियों से लेकर, कतर पर जासूसी के मुकदमे का सामना कर रहे पूर्व नौसैनिक अधिकारियों तक, अपनी वैश्विक खुफिया पहुंच का विस्तार करने के भारत के प्रयासों ने एक के बाद एक समस्याएं खड़ी कर दी हैं.
अन्नामलाई में भाजपा को अतीत में मिले किसी से भी अलग हटकर एक नेता मिला था — जो जानता था कि सुर्खियों में कैसे आना है और उसने खुद को विपक्ष के चेहरे के रूप में पेश किया.
बिग टेक कंपनियों के खिलाफ आरोप यह भी है कि वे उपभोक्ताओं की निजता का उल्लंघन कर रही हैं, इसके जवाब में वे उग्र लॉबीइंग कर रही हैं और अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही हैं.
ट्रूडो ने अपने जोश में मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, सिर्फ इसलिए पंजाब में अपने ही लोगों के खिलाफ मुहिम छेड़ने की कोई वजह नहीं समझ में आती है.
जयललिता-करुणानिधि युग के बाद, पीएम मोदी एक अधिक लोकप्रिय नेता दिखते हैं, जो भारी भीड़ को आकर्षित करने और द्रविड़ वोट बैंक में सेंध लगाने में सक्षम हैं.
जनरल मार्क माइली दृढ़तापूर्व सलाह देने और रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मनमौजी आचरण पर काबू पाने में सक्षम रहे.
चूंकि ब्रिटेन में सिख समुदाय के कुछ व्यक्तियों ने सक्रिय रूप से खालिस्तानी मुद्दे का समर्थन और प्रचार किया, इसलिए विस्तृत भारतीय समुदाय ने सक्रिय रूप से उनका विरोध नहीं किया.
सार्वजनिक रूप से की गई नवीनतम बदनामी भरी टिप्पणी इस गहरी भावना को व्यक्त कर रही है कि विनिर्माण के अगले प्रमुख केंद्र के रूप में भारत को अधिक मुद्रा मिलने के वादे के कारण चीन की आर्थिक संभावनाएं नीचे की ओर जा रही हैं.
जहां तक सदन में हंसने वाले हर्षवर्धन और रविशंकर प्रसाद का सवाल है, तो बीजेपी सोचती है कि जब उन्हें कैबिनेट से बाहर निकाल दिया गया तो वे पहले ही काफी अपमानित हो चुके हैं. उन्हें और सजा देने की जरूरत नहीं है.