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Sunday, 8 February, 2026
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‘मोदी हटाओ’ VS ‘अमृत काल’- 2024 में जीतने के लिए विपक्ष को क्यों आलोचना से कहीं ज्यादा करने की जरूरत

‘इंडिया’ ने कुछ बुनियादी बातों को समेटने की कोशिश की है लेकिन उसे यह साफ करना होगा कि मतदाता मोदी को हटाने के उसके लक्ष्य का समर्थन क्यों करें, और यह गठबंधन उनके लिए बेहतर दांव क्यों साबित हो सकता है.

BRICS का विस्तार हो चुका है, अब यह अमेरिका विरोधी गुट नहीं बन सकता. संतुलन बनाना भारत पर निर्भर है

BRICS को हमेशा पश्चिम को संतुलित करने के लिए स्थापित एक गुट के रूप में माना जाता था. लेकिन अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई के जुड़ने के बाद खेल बिल्कुल बदल गया है.

मोदी, नेहरू के ‘ग्लोबल साउथ’ को वापस लाए हैं, लेकिन यह भूगोल, भू-राजनीति, अर्थशास्त्र पर खरा नहीं उतरता

ग्लोबल साउथ का विचार, जिसके मुताबिक भारत या इसके नेता, बाकी देशों के अगुआ बन सकते हैं. नरेंद्र मोदी इसके सबसे प्रमुख और ताकतवर ग्लोबल एम्बेसडर बनकर उभरे हैं.

अच्छी लोन ग्रोथ, पूंजी की आसान उपलब्धता- बैंकिंग सेक्टर की सफलता के पीछे का क्या है राज़

हालांकि, खुदरा क्षेत्र में घटते नेट इंट्रेस्ट मार्जिन और खराब ऋणों के रूप में तनाव के कुछ शुरुआती संकेत भी हैं जिन पर नजर रखने की आवश्यकता है.

मैं पैगंबर को मानती हूं, लेकिन मुझे कभी नहीं सिखाया गया कि ईशनिंदा दंडनीय है. पर पाकिस्तान ऐसा करता है

पाकिस्तान के फैसलाबाद में हाल में हुई एक घटना, जहां भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों पर चर्चों और ईसाइयों के घरों को जला दिया, ने देश में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा पर एक दर्दनाक मुद्दा उठाया है.

भारत के प्रस्तावित आपराधिक कानून कोड न्याय को आधुनिक बना सकते हैं – यदि वे पहले पुलिस से शुरू करें

भले ही नए कानूनों ने आलोचना को जन्म दिया है, पर विश्लेषण से पता चलता है कि उनका अधिकांश कंटेंट औपनिवेशिक युग के कानून के समान है जिसे वे रिप्लेस करते हैं

राजीव गांधी ने भारतीय लोकतंत्र को दिए गए घावों को साफ किया, उन्हें और ज्यादा क्रेडिट मिलना चाहिए

यदि किसी भाजपा प्रधानमंत्री ने वही किया होता जो इंदिरा गांधी ने किया था, तो क्या लिबरल्स अपनी विरासत के प्रति इतने उदार होते? राजीव ने कभी भी उनकी आलोचना नहीं की, लेकिन उन्होंने व्यवस्था में उनके द्वारा शुरू किए गए कई दुरुपयोगों को ख़त्म कर दिया.

चीन BRICS को G7 विरोधी समूह में बदलना चाहता है और कॉमन करेंसी की बजाए युआन पर ज़ोर

बीजिंग सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे देशों को ब्रिक्स में शामिल करने का लक्ष्य बना रहा है, जो व्यापार और निवेश के चीनी विचारों के बारे में अपेक्षाकृत संशयवादी हैं.

एक साल तक नेतृत्वहीन रहे 3 संस्थान — भारत में रिसर्च और स्कॉलरशिप एक संस्थागत समस्या है

देहरादून में सर्वे ऑफ इंडिया, शिमला में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ और कोलकाता में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया एक साल से अधिक समय से बिना प्रमुख के हैं, लेकिन प्रशासनिक काम चलता रहता है.

दो मोर्चों वाला युद्ध जीतने के लिए भारत इजरायली और कोरियाई सेनाओं से सबक ले

दो मोर्चों युद्ध लड़ने में नुक़सानों से बचा जा सकता है बशर्ते राष्ट्रीय रणनीति और सैन्य कार्रवाई के स्तर पर कौशल का प्रयोग किया जाए. भारत अपनी रणनीतिक गहराई की वजह से चीन, पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में है.

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मुजफ्फरनगर दंगा: हत्या व आगजनी के मामले में साक्ष्य के आभाव में 22 आरोपी बरी

मुजफ्फरनगर (उप्र), आठ फरवरी (भाषा) मुजफ्फरनगर जिले की एक अदालत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े हत्या, लूट और आगजनी के एक मामले...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.