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Friday, 6 February, 2026
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कर्नाटक का झटका- चुनावों में कोई बड़ा आइडिया नहीं, BJP ने कांग्रेस के ‘रेवड़ी’, जाति के मुद्दे को अपनाया

यह पहला मौका है जब भाजपा ने विपक्ष के जवाब में अपना आजमाया हुआ और कामयाब चुनावी सुर बदल दिया है. यह जाति, और कभी निंदित की गई “रेवड़ी संस्कृति” के मुद्दों पर उसके रुख से स्पष्ट है.

‘सरकार अच्छी, काम अच्छा, लेकिन..,’ क्या रोटी पलटने का सिलसिला राजस्थान में जारी रहेगा?

राजस्थान में इक्का-दुक्का शायद ही कोई मिलेगा जो अशोक गहलोत की बुराई करता हो. बीजेपी के परंपरागत वोटर भी आपको पहले यही बतायेंगे कि `काम तो किया है` और इसके बाद उसी सुर में ये भी जोड़ते मिलेंगे कि `लेकिन राज्य में सरकार तो पलटेगी`.

भारत-पाकिस्तान भी बन सकते हैं इज़रायल-हमास. सबक ये कि आतंकवाद को केवल ताकत से खत्म नहीं किया जा सकता

गेंद अब अमेरिका और अरब देशों के पालों में है. उनका संयुक्त दबाव गाज़ा में विध्वंस मचा रहे इजरायल को रोक सकता है.

कैसे पीएम मोदी ने राहुल गांधी की ‘जितनी आबादी, उतना हक’ राजनीति का समर्थन किया

माडिगाओं की शिकायत यह रही है कि माला, जिनकी संख्या उनसे कम है, एससी आरक्षण का बड़ा हिस्सा हथिया लिया है.

अपने लिंग को लेकर गोडसे की कन्फ्यूजन और गांधी कैसे बने एक सरोगेट पिता

कुछ लोग गोडसे का पुनर्वास करना चाहते हैं, उनकी छवि को हत्यारे से देशभक्त के रूप में पुनः स्थापित करना चाहते हैं. लेकिन द फादर एंड द असैसिन में नाटककार अनुपमा चंद्रशेखर उन्हें बचाना नहीं चाहतीं.

IIT के एलुमनाई पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं, लेकिन वे दर्शन सोलंकी, आशना आघात के प्रति उदासीन हैं

आईआईटी एलुमनाई का नेटवर्क अपने ब्राह्मण-केंद्रित दायरे को कब पार करेगा? ये प्रभावशाली आवाजें प्रचलित मानदंडों को कब चुनौती देंगी ताकि प्रत्येक छात्र बिना किसी पूर्वाग्रह के आगे बढ़ सके?

डियर इंडियंस, सबसे पहले तो आपको क्रिकेट से बाहर भी सोचना होगा, आपने इसे ‘टू मच ग्लोरिफाई’ कर दिया है

क्रिकेट मैच को भारतीय एक बड़े त्योहार की तरह मनाते हैं. आप वर्ल्ड कप फाइन मैच को देख लें. फाइनल मैच को ओटीटी पर 5.9 करोड़ लोग देख रहे थे जबकि स्टेडियम में 1.3 लाख दर्शक मौजूद थे.

आपके बालों के झड़ने की वजह केवल जीन्स नहीं है, वायु प्रदूषण भी आपको गंजा बना रहा है

वायु प्रदूषण बालों के झड़ने का एक प्रमुख कारक बनकर उभरा है. हमारे माता-पिता को 50 या 60 की उम्र में जो परेशानी होती है, वह अब 20 से 30 की उम्र में भी हो सकती है.

आज नकदी, कल विकास— अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकारें देती हैं खैरात 

कोई भी राजनीतिक दल कृषि, बेरोजगारी और कम आय जैसे वास्तविक मसलों का कोई समाधान नहीं पेश करता लेकिन खैरात से समस्या खत्म नहीं होने वाली.

तेज़ गेंदबाज़, फिटनेस और ‘सिस्टम’— क्रिकेट में भारत पहली बार ऐसी ‘नीली क्रांति’ देख रहा है

यह दो दशकों से शिखर की ओर बढ़ने की भारतीय कामयाबी की कहानी है, 1983 वाले गौरव की क्षणिक उपलब्धि नहीं! भारत में इस खेल में व्यवस्थागत बदलाव किए गए; फास्ट बॉलिंग, फिटनेस और फील्डिंग इसकी नींव के पत्थर हैं.

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आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी के कथित रूप से ‘छेड़छाड़’ करके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.