scorecardresearch
Thursday, 30 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

क्या था भारत-पाकिस्तान के बीच अल्पसंख्यकों से जुड़ा नेहरू-लियाकत समझौता, CAA क्यों है जरूरी

नेहरू-लियाकत समझौते के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई थी कि दोनों देशों में किसी भी हालत में अल्पसंख्यकों के साथ किसी तरह का भेदभाव न हो और उन्हें हर तरह से पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए.

ममता बनर्जी हिट दीदी नंबर 1 शो पर हैं, TMC में ग्लैमर की कमी महसूस होती है

टीएमसी के दो ग्लैमरस फिल्मस्टार सांसद, न तो नुसरत जहां और न ही मिमी चटर्जी को इस बार फिर से टिकट दिया गया है. यह दर्शाता है कि मतदाता कितने समझदार हैं.

डियर CJI, 2024 के चुनावों में सही विकल्प चुन पाने की भारतीय वोटर्स की क्षमता आपके हाथ में है

सुप्रीम कोर्ट के लिए चुनावी बांड मामले में 30 जून तक की मोहलत देने की एसबीआई की याचिका पर सुनवाई करना अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए लोकतंत्र की भावना को पैरों तले रौंदने जैसा होगा.

बेरोजगारी अब चुनावी मुद्दा है, क्या ‘पहली नौकरी पक्की’ के सहारे कांग्रेस इसे भुना सकती है

मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने युवाओं के लिए नौकरी की गारंटी की घोषणा करके सत्ताधारी बीजेपी की राह मुश्किल कर दी है. बीजेपी को अब इससे बेहतर पेशकश करनी होगी. इस कश्मकश में चाहे जो भी जीते, लेकिन रोजगार के सवाल पर राजनीति हो ये अच्छा है.

पिछले 20 साल के आम चुनावों में पार्टियों का उत्थान और पतन, नया कानून जिसके 2024 के लिए मायने हैं

लोकसभा चुनावों के पिछले दो दशकों में यूपीए का उत्थान और पतन, वामपंथ का पतन और भाजपा की पराजय देखी गई. अब चुनाव आयुक्तों को चुनने के लिए एक नया कानून आया है.

मोदी सिर्फ जम्मू-कश्मीर में ‘दिल जीतने’ नहीं गए थे, यह दुनिया के लिए एक संकेत भी था

पीएम मोदी ने चुनावों का ज़िक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने बड़े पैमाने पर मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाई और हज़रतबल परियोजना के उद्घाटन के जरिए विश्व को एक संकेत भेजा.

बीजेपी तमिलनाडु में गुजरात या यूपी मॉडल से लोगों को लुभा नहीं सकती, द्रविड़ मॉडल सफल है

दरअसल बीजेपी जब तमिलनाडु में जमीन तलाशने की कोशिश करती है, तो उसके पास अपना बना कोई ऐसा मॉडल नहीं है जो द्रविड़ विचारधारा पर चलने वाले तमिलनाडु से ज्यादा चमकदार हो.

बीजेपी की रणनीति पर गौर कीजिए, 2024 नहीं बल्कि 2029 की तैयारी कर रही है

‘माइलेज’ वाले नेता मानते हैं कि वे उम्र आदि की सीमाओं से ऊपर हैं, मसलन शी जिनपिंग, बाइडन, ट्रंप, एर्दोगन या पुतिन को ही देख लीजिए. तो फिर मोदी 75 की उम्र के बाद भी प्रधानमंत्री क्यों नहीं बने रह सकते?

यूपी से कश्मीर तक — PM मोदी पसमांदा मुसलमानों को ऐसे संबोधित कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ

एक पसमांदा मुस्लिम महिला के रूप में एक राजनीतिक दल द्वारा एक महत्वपूर्ण वोटिंग ब्लॉक के रूप में संबोधित किए जाने के गहरे मायने हैं.

आपातकाल की विरासत? 1977-1989 के लोकसभा चुनावों ने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को कैसे बदला

कांग्रेस की पहली बार हार से लेकर टीडीपी के भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी बनने तक, 1977 से 1989 तक के लोकसभा चुनाव कई आश्चर्य लेकर आए.

मत-विमत

अरविंद केजरीवाल को उस राजनीति की कीमत चुकानी पड़ रही है, जिसे उन्होंने खुद गढ़ा था

मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?

वीडियो

राजनीति

देश

एमसीडी ने लू से निपटने के लिए परामर्श जारी किया, सभी विभागों को बचाव के उपाय करने के निर्देश

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने गर्मियों में लू के प्रभाव को कम करने के लिए एक परामर्श जारी कर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.