मुस्लिम एंगल ये बात तो सुनिश्चित कर देता है कि मूक बने रहने वाले मंत्री रातोंरात सामाजिक कार्यकर्ता बन जाएं और बहुसंख्यकों को एक नया मुद्दा मिल जाए ताकि कट्टरता की खुराक में कोई कमी ना आने पाए.
जिस देश में अभी भी अखबारों से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें गायब नहीं हुईं हैं वहां हम रेखा को उनके हाल पर नही छोड़ सकते थे. उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही हम अपनी रिपोर्टिंग में व्यस्त हुए.
अगर दिल्ली के स्कूली लड़के इंस्टाग्राम पर निजी चैट्स में माइनर लड़कियों के साथ बलात्कार की योजना बनाते हैं, तो राजनीतिक दलों के आईटी सेल सार्वजनिक रूप से ट्विटर और फेसबुक पर महिलाओं को धमकी देते हैं.
जिंदगी केवल एक बार किसी महामारी के दौरान बच निकलने के बारे में ही नहीं है. इसके मायने उससे भी अधिक हैं. ये कला, साहित्य, सिनेमा और सबसे महत्वपूर्ण हर तबके के लोगों से जुड़ने के बारे में भी है.
जो लोग सोनिया गांधी पर निजी हमले उनके विदेश में पैदा होने की वजह से करते हैं. वही लोग अक्सर सिर्फ विदेशों की नागरिकता हासिल किए भारतीयों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं.
आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर जडेजा की क्लिप को एक लाख से अधिक लोगों द्वारा देखा जाना इस बात को दर्शाता है कि हम आंबेडकर के जातिविहीन समाज के सपने से बहुत दूर खड़े हैं.
जब पुलिस गरीबों की मदद नहीं कर रही होती है या यूपी पुलिस की तरह मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए चलाई गई फेक खबरों का खंडन नहीं कर रही होती तो वो ग्राउंड पर गानें गाती हुई दिखाई देती है.
भारतीय राजनीतिक में सियासी परिवारों की विरासत देखकर लगता है कि यहां इन परिवारों से संबंध रखने वाले नेता ही युवा कहला सकते हैं, फिर वो चाहे 40 साल के हों या फिर 50 के.
ताशकंद समझौते के दौरान सोवियत संघ ने प्रोटोकॉल पर खास ध्यान दिया. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए व्यवस्थाएं बिल्कुल एक जैसी थीं. इस वार्ता को अमेरिका और ब्रिटेन का भी समर्थन मिला था.