पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की 43वीं वर्षगांठ पर, दिप्रिंट के द्वारा उस युग की सरकार की कड़ी निंदा करने वाले कुछ कार्टूनों पर एक नज़र डालें।
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.