स्टडी के मुताबिक 2010 में औसत तापमान से अधिक गर्मी की लहर की प्राकृतिक संभावना 312 वर्षों में एक बार होती है. लेकिन वर्तमान के जलवायु परिवर्तन की स्थिति में ये संभावना 3.1 साल हो गई है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.