जामिया मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि मस्जिद की तरफ से किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया गया था. हम इस विरोध-प्रदर्शन का समर्थन नहीं करते हैं.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.