जांचकर्ताओं का अब तक मानना है कि केमिस्ट की हत्या कथित तौर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के बदले में की गई थी, जिसमें बीजेपी की नूपुर शर्मा का समर्थन किया गया था, जिन्होंने एक टेलीविजन बहस में पैगंबर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.