दूसरी बार है जब पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार के दौरान पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक दर्ज की गई थी.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है