एम्स मदुरै को थोपपुर में एक विशाल परिसर में बनाया जाना है. बढ़ती लागत के चलते इसके निर्माण की समय-सीमा को काफी आगे बढ़ा दिया गया है. अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है मगर अधिकारियों का मानना है कि इंतजार ज्यादा लंबा नहीं होगा.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.