नेचर सस्टेनेबिलिटी नामक पत्रिका में छपे एक रिसर्च में कहा गया है कि अमीर वर्ग न सिर्फ गरीब और निम्न वर्ग के हिस्से के पानी का दुरुपयोग करते हैं बल्कि उनकी जरूरत का पानी भी उन तक नहीं पहुंचता है.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है