मेयर ने यह कदम स्थानीय पार्षदों की ओर से उनके क्षेत्रों में साफ-सफाई के अभाव, शिक्षण कर्मचारियों की कमी और पार्कों के खराब रखरखाव के बारे में कई शिकायतें मिलने के बाद उठाया है.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.