चिक्कमगलुरु (कर्नाटक), आठ अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के चंद्रद्रोणा पर्वत श्रृंखला में स्थित माणिक्यधारा जलप्रपात की यात्रा के दौरान केरल की कक्षा 10वीं की एक...
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है