मुंबई, 18 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अशोक चव्हाण की उस टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने विपक्ष पर महिला आरक्षण विधेयक को रोकने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चव्हाण ने पार्टी की विरासत और अपने दिवंगत पिता की पार्टी के प्रति निष्ठा के साथ विश्वासघात किया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक तीखे पोस्ट में राज्यसभा सदस्य को याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी।
चव्हाण ने शुक्रवार को टिप्पणी की थी कि विपक्षी दल ‘‘राजनीतिक अहं’’ के कारण महिला आरक्षण को लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिसके जवाब में पार्टी का यह बयान सामने आया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस ने अशोक चव्हाण पर पार्टी की विरासत के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और उनके पिता, दिवंगत शंकरराव चव्हाण का जिक्र कर कहा कि वह आजीवन पार्टी के प्रति वफादार रहे।
पोस्ट में कहा गया है, ‘‘चव्हाण को याद रखना चाहिए कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 संसद में पार्टी के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया था और 16 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था।’’
पार्टी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्थानीय स्वशासन निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की नींव रखी थी जिसे बाद में पार्टी के शासनकाल के दौरान बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया था।
पार्टी ने चव्हाण से ‘‘अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने’’ और ‘‘कुछ दृढ़ संकल्प दिखाने’’ का आग्रह किया।
चव्हाण ने शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ‘‘ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी’’ कदम बताया, जिसका उद्देश्य 2029 के चुनावों से लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
भाषा सुरभि गोला
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