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Wednesday, 28 January, 2026
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इलानॉमिक्स

RBI को बॉन्ड मार्केट के मुद्दों से निपटने के लिए कर्ज प्रबंधन के कार्यों से मुक्त होने की जरूरत क्यों है

आरबीआई के लिए बतौर सरकारी ऋण प्रबंधक अपनी सेवाएं देते हुए मुद्रास्फीति काबू रखने की जिम्मेदारी निभाने को लेकर चलने वाला अंतर्द्वंद अगले कुछ सालों में और बढ़ने वाला है.

क्यों कॉरपोरेट इंडिया के प्रदर्शन में तेज़ रिकवरी के संकेत दिखने लगे हैं

भारतीय कॉरपोरेट जगत ने अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में तेज़ रिकवरी के रुझान दिखाए हैं. कोविड-19 मामलों में गिरावट और टीकाकरण अभियान में तेज़ी से आने वाले महीनों में आर्थिक रिकवरी की प्रक्रिया और रफ़्तार पकड़ सकेगी.

क्यों मोदी सरकार को मुश्किल वित्तीय हालात से उबरने के लिए तेल की आय पर निर्भरता खत्म करनी चाहिए

तेल पर टैक्स को सरकार कठिन वित्तीय परिस्थितियों से बाहर निकलने के उपाय के तौर पर इस्तेमाल करती है, लेकिन इससे मुद्रास्फीति और पेट्रोलियम उत्पादों पर अत्यधिक निर्भरता जैसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं.

निजी क्षेत्र के समर्थन के दावे को पूरा करने के लिए मोदी सरकार को इन 5 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा

दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना शुरू की गई है, लेकिन सरकार को स्थिर और निश्चित नीतिगत परिवेश भी तैयार करना चाहिए.

बजट 2021 में बीमारी के इलाज के साथ उनके रोकथाम पर भी जोर दिया गया है, जो एक अच्छी बात है

भारत में रोगों के बोझ का ताल्लुक गरीबी से है लेकिन वह कारणों को हमेशा आर्थिक वृद्धि में ढूंढता रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए उभरते नये जोखिमों पर ध्यान नहीं देता रहा है.

बजट 2021 में ‘निजीकरण’ के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पाने के लिए मोदी सरकार को करना होगा इस पर अमल

अगर सरकार निजीकरणके लिए पूरा ज़ोर लगाती है तथा यूनियनों, नौकरशाही या विपक्ष को अपनी योजनाओं को बेपटरी करने की अनुमति नहीं देती है, तोवास्तव में भारत के लिए यह एक परिवर्तनकारी बजट साबित होगा.

निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमी में जान फूंकने के दिए संकेत, अब जरूरत इस दिशा में आगे कदम बढ़ाने की है

इस बजट के बाद मोदी सरकार को लालफ़ीताशाही खत्म करने, टैक्स के ढांचे और नियमन की व्यवस्था को सरल बनाने, और वित्तीय क्षेत्र में सुधार पर ध्यान देना चाहिए ताकि निवेश के लिए माहौल बने.

कैसा हो बजट 2021? उन लोगों की सहायता हो जिन्होंने कोविड में गंवा दी आमदनी, मांग को मिले बढ़ावा

संस्थागत बदलाव जिनमें बड़ा ख़र्च नहीं है और जो सुधारोंके प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, निर्मला सीतारमण के बजट में एक मज़बूत सकारात्मक संकेत हो सकते हैं.

बजट 2021 होगा अलग क्योंकि सरकार को इस बार वास्तविक फिस्कल डिफिसिट को छुपाने की ज़रूरत नहीं

अर्थशास्त्री विस्तारवादी बजट की तरफदारी कर रहे हैं, इसलिए संतुलित उपाय नहीं करने के लिए उसकी अधिक आलोचना नहीं होगी. इसमें मांग बढ़ाकर आर्थिक विकास तेज़ करने का लक्ष्य होना चाहिए.

महंगाई दर में और कमी की उम्मीद लेकिन भारत में कीमतों के आंकड़ों के बेहतर विश्लेषण की ज़रूरत

महंगाई आकलन की साल-दर-साल वाली विधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव की अनदेखी होती है, इसलिए माह-दर-माह मौसमी समायोजन का तरीका अपनाया जाना चाहिए.

मत-विमत

केरल में BJP की उलझन—ईसाइयों को साधने की कोशिश कामयाब नहीं हो रही

जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.

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भारत की ताकत राष्ट्रीय एकता में निहित, विकास के लिए सामाजिक सद्भाव आवश्यक: उपराष्ट्रपति

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि भारत की ताकत राष्ट्रीय एकता और समाज की...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.