लव अग्रवाल ने बताया कि 16 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में 100% पात्र आबादी को वैक्सीन की पहली डोज़ से कवर किया गया है, 4 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 96-99% पात्र आबादी को वैक्सीन की पहली डोज़ से कवर किया गया है.
भारत सरकार के साथ-साथ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कड़ी सफलताओ से, केंद्र ने कोविड-19 वैक्सीन की 166.68 करोड़ से अधिक खुराक दी है जो दुनिया में सबसे अधिक है.
छह अन्य राज्यों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा. बायोलॉजिकल ई का कॉर्बेवैक्स भी इसी महीने आने की उम्मीद है. सरकार द्वारा कोवोवैक्स की खरीद पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटो के दौरान 1,733 मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,97,975 हो गयी है.
दस्तावेजों के अनुसार, स्लैश कोविड टीकाकरण की आवश्यकता को कम करने के लिए है, यहां तक कि दूसरी खुराक 15-18 वर्ष की आयु के लिए प्रतीक्षित है और बच्चों के लिए टीकाकरण अभी तक शुरू नहीं हुआ है.
कोविड-19 को लेकर इस वक्त एक बड़ा सवाल यह है कि इसे कब आम बीमारी घोषित किया जाएगा. कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल इस संबंध में काफी कुछ सामने आ जाएगा.
तेलंगाना सबसे अधिक गांवों को ‘ओपन डिफेकशन फ्री प्लस' घोषित किये जाने वाला राज्य है. यहां ‘प्लस’ का दर्जा निरंतर रूप से बरक़रार ओडीएफ स्थिति, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन और साफ तौर पर दिखने वाली स्वच्छता को दर्शाता है.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.