महामारी की एक वर्ष की अवधि में सामने आए तमाम अहम वैज्ञानिक साक्ष्य इस तरफ इशारा करते हैं कि कोविड-19 का संक्रमण सतह को छूने की तुलना में हवा में मौजूद होने के कारण ज्यादा फैलता है.
सीमित स्टॉक और ज्यादा जोखिम वाले लोगों के तत्काल टीकाकरण की जरूरत जैसे कई फैक्टर काफी मायने रखते हैं जिससे वह स्थिति आने में वक्त लगेगा जब कोई भी अपने नजदीकी स्टोर से टीके की खुराक ले सकेगा.
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 137 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,52,556 पर पहुंच गई. संक्रमण से एक दिन में मरने वालों की संख्या भी बीते करीब आठ महीने में सबसे कम है.
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि रक्त समूह ‘ओ’ वाले लोग संक्रमण के प्रति कम संवेदनशील हो सकते हैं, जबकि 'बी' और 'एबी' रक्त समूह वाले लोग अधिक जोखिम में हो सकते हैं.
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि 447 प्रतिकूल मामलों में सिर्फ तीन में टीका लगवाने वाले व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है.
हर्षवर्द्धन ने बताया कि टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगाया जायेगा और चौथे चरण में 50 वर्ष से नीचे आयु के लोगों का टीकाकरण होगा.