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Thursday, 5 February, 2026
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कोविड के बाद सभी को स्वास्थ्य बजट में अच्छी-खासी वृद्धि की उम्मीद पर सरकार सतर्कता बरत रही

जब महामारी ने भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमताओं से पूरी तरह से कसौटी पर कस दिया है, मोदी सरकार को स्वास्थ्य संबंधी वित्तीय जरूरतों और आर्थिक हालात की वास्तविकता के बीच एक अच्छा संतुलन बनाना पड़ सकता है.

भारत में कोविड की R वैल्यू 0.90 हुई, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा गिरावट लेकिन केरल में अब भी 1 से ऊपर

पश्चिम बंगाल, राजस्थान और दिल्ली में इस सप्ताह आर वैल्यू में वृद्धि दर्ज की गई है जबकि महाराष्ट्र, यूपी, कर्नाटक में लगातार गिरावट नज़र आई है.

भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के फेज-1 ट्रायल डेटा पर लांसेट का मत- ‘कोई गंभीर विपरीत असर नहीं’

पिछले महीने इसके नतीजों का एक प्री-प्रिंट जारी किया गया, जिससे पता चला कि ट्रायल में, वैक्सीन के तीनों फार्मूलों के नतीजे में मज़बूत इम्यून रेस्पॉन्स पैदा हुए.

देश में 10 लाख से ज्यादा लोगों को लग चुकी है कोविड-19 वैक्सीन: स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे की अवधि में देश में आयोजित 4,049 सत्रों में 2,37,050 लोगों को टीके लगाये गये. अब तक कुल 18,167 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं.

कोविड वैक्सीन को लेकर 7% कम हुई हिचकिचाहट, 3% लोग टीके के लिए 2022 तक करेंगे इंतजार- सर्वे

लोकलसर्कल्स द्वारा संचालित सर्वे में 17,000 लोगों ने भाग लिया. वैक्सीन को लेकर हिचिकचाहट के संबंध में प्रतिकूल प्रभावों और वैक्सीन की प्रभावशीलता पर शंकाएं भी ज़ाहिर की गयी.

कोविड वैक्सीन कितनी प्रभावी? दिल्ली के टीकाकरण केंद्र खुराक के पहले और बाद एंटीबॉडी टेस्ट करेंगे

कई संस्थान और विशेषज्ञ इसे एक प्रभावकारिता परीक्षण के तौर पर देखने की वकालत करते हैं जो टीकों के प्रति भरोसा बढ़ाने में मददगार होगा, खासकर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के लिए जो ट्रायल के तीसरे चरण में है.

सतह नहीं उस हवा में कोरोना के मौजूद रहने की संभावना जिसमें हम सांस लेते हैं, वैज्ञानिकों ने कहा- हम गलत थे

महामारी की एक वर्ष की अवधि में सामने आए तमाम अहम वैज्ञानिक साक्ष्य इस तरफ इशारा करते हैं कि कोविड-19 का संक्रमण सतह को छूने की तुलना में हवा में मौजूद होने के कारण ज्यादा फैलता है.

पड़ोसी देशों को वैक्सीन भेजेगी मोदी सरकार, बांग्लादेश को ‘गिफ्ट’ में मिलेगी कोविशील्ड की 20 लाख डोज़

दूसरे देशों को टीके की आपूर्ति करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश के टीका निर्माताओं के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार हो.

कोविड टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18% मामले आए, दोनों वैक्सीन सुरक्षित: स्वास्थ्य मंत्रालय

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है.

आपकी नजदीकी फार्मेसी में कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने की योजना अभी तक क्यों नहीं बना रही है सरकार

सीमित स्टॉक और ज्यादा जोखिम वाले लोगों के तत्काल टीकाकरण की जरूरत जैसे कई फैक्टर काफी मायने रखते हैं जिससे वह स्थिति आने में वक्त लगेगा जब कोई भी अपने नजदीकी स्टोर से टीके की खुराक ले सकेगा.

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