भारतीय डॉक्टरों की स्टडी में कहा गया है, कि हालांकि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कारगर हैं, लेकिन एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन ‘कहीं ज़्यादा’ सेरोपॉज़िटिविटी दर, और एंटी-स्पाइक एंटीबॉडी टाइटर दिखाती है.
गुरुग्राम स्थित लाइफकेयर इनोवेशन कंपनी ब्लैक फंगस या म्यूकोर्माइकोसिस से निजात दिलाने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है.
45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण का प्रमाण पत्र पीएम मोदी की फोटो के साथ दिया जा रहा है, लेकिन 18 से 44 वर्ष तक के लोगों को ममता बनर्जी की फोटो वाला प्रमाण पत्र.
प्रियंका गांधी ने कहा, '2014 में सरकार में आते ही स्वास्थ्य बजट में 20 प्रतिशत की कटौती करने वाली मोदी सरकार ने 2014 में 15 एम्स बनाने की घोषणा की थी. इनमें से एक भी एम्स आज सक्रिय अस्पताल के रूप में काम नहीं कर रहा है.'
एमपी सरकार ने सबसे पहले 'कोविड अनाथ' योजना शुरू की थी. लेकिन कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि इसमें काफी गैप्स हैं – इसमें केवल उन बच्चों को शामिल किया गया है जिन्होंने माता-पिता दोनों को खो दिए हैं और मौतें दूसरी लहर के दौरान हुई हैं.
एमएचआरए ने कहा कि टीकाकरण पर संयुक्त समिति (जेसीवीआई) अब फैसला करेगी कि क्या इस उम्र समूह को टीके दिए जाएंगे या नहीं. नियामक ने कहा कि टीके से कोई नए दुष्प्रभाव नहीं दिखे हैं.