कुणाल भारद्वाज सभी सात महाद्वीपों पर मैराथन दौड़ने वाले दुनिया के पहले समलैंगिक पुरुष हैं. उनकी अंतिम सीमा अंटार्कटिका थी, जिसमें 42.5 किलोमीटर की दौड़ उन्होंने दिसंबर 2023 में पूरी की.
राम जन्मभूमि आंदोलन के अंतिम चरण में अयोध्या में संघ की महिला पैदल सैनिक लगभग अदृश्य रही हैं. उनका दावा है कि पुरुषों ने उन्हें किनारे कर दिया है और सारे काम पर अपना एकाधिकार जमा लिया है.
ज़्यादातर घरों में ताले लगे हैं और पंजाब भर के कई गांवों में युवा चेहरे मुश्किल से ही देखने को मिलते हैं. खटकर कलां निवासी जय सिंह सवाल किया कि 'वापस क्यों आएं? यहां किसी के लिए है ही क्या?'
मणिपुर में जातीय संघर्ष भड़कने के आठ महीने बाद भी राज्य में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मी वहां तैनात हैं, जहां शांति बनाए रखना अभी भी मुश्किल काम है.
शिक्षा के अपर मुख्य सचिव के रूप में पाठक के ‘अलोकतांत्रिक’ कदम बिहार में कुख्यात हैं. वे शिक्षकों को निलंबित करते हैं, सैलरी में कटौती करते हैं और अनुपस्थित स्टूडेंट्स के नाम भी काट देते हैं.
शूटाउन, फेंग टे, पोउ चेन और होंग फू जैसी ताइवान की दिग्गज कंपनियां तमिलनाडु में बड़ी गैर-चमड़ा जूता फैक्ट्रियां स्थापित कर रही हैं. उद्योग जगत के नेताओं का कहना है कि भारत में बने जूते दुनिया भर में छा जाएंगे.
गिग सेक्टर फलफूल रहा है, लेकिन ऐप कंपनियों से घटते प्रोत्साहन, ईंधन की आसमान छूती कीमतें और पाॅलिसी की कमियों ने इन ड्राइवरों को कर्ज के दुःस्वप्न में धकेल दिया है.
गुरुग्राम स्थित डेविल बाउंसर के मालिक सनी ने कहा कि एनसीआर के ज्यादातर बाउंसर अपने पासपोर्ट वेरीफाई नहीं करा पाते हैं क्योंकि वो लड़ाई-झगड़े में लगे रहते हैं.
यह सोच कि किसी भी पहाड़ तक पहुंच अच्छी चीज़ है, और कोई भी चोटी पहुंच से बाहर नहीं होनी चाहिए—पहाड़ों को ऐसी चीज़ में बदल देती है जिसका सामना करने के बजाय, उसे बस इस्तेमाल किया जाए.