दिल्ली के सुंदर नर्सरी और लोधी गार्डन में इफ्तार अब धीरे-धीरे एक मज़ेदार पिकनिक का रूप ले रहा है. साथ ही, यह इंस्टाग्राम रील्स के लिए भी परफेक्ट बन रहा है.
2000 के दशक की शुरुआत में दानापुर में एक कट्ठा की कीमत 10 लाख रुपये से ज़्यादा नहीं थी. आज, यह रेजिडेंशियल उद्देश्यों के लिए एक करोड़ रुपये से ज़्यादा में बिकता है और बिजनेस के काम के लिए इसकी कीमत 1.5 से दो करोड़ रुपये तक हो सकती है.
हरियाणा में नशा मुक्ति केंद्र एक नया उभरता हुआ क्षेत्र बन गया है. प्राइवेट सेंटर पैसे कमाने की मशीन हैं, जबकि कई परिवार उन्हें अपने संघर्षरत प्रियजनों को राहत देने के तरीके के रूप में देखते हैं.
गुरुग्राम की शानदार DLF सिटी में कई सालों से अवैध होटल और कारोबार चल रहे हैं. अधिकारियों ने पहले भी इस पर रोक लगाई है, लेकिन इस बार वह इसको जड़ से खत्म करने की कसम खा चुके हैं.
लुधियाना की फैक्ट्रियों में काम करने से लेकर दिहाड़ी पर राजमिस्त्री का काम करने तक, बिहार से उत्तर प्रदेश आने वाले मुस्लिम प्रवासी वह काम करने के लिए आगे आ रहे हैं, जो स्थानीय पंजाबी युवा नहीं करना चाहते.