धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी ने फिर से जगा दी संयुक्त परिवार और संस्कारी बहू की यादें. यह शो एक पूरी पीढ़ी की नज़र में महिलाओं, परिवार और परंपरा को गढ़ने वाला था.
इस निवेश ने सिर्फ इमारत को दोबारा खड़ा नहीं किया, बल्कि बिहार में साइंस और एस्ट्रोनॉमी को देखने का नजरिया ही बदल दिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. अनंत कुमार गर्व से कहते हैं. वे ज़ोर देकर कहते हैं कि बिहार आर्यभट्ट की धरती भी है.
फ्रेंच प्रवासी और जेट एयरवेज़ के पूर्व CEO संजीव कपूर की वायरल X पोस्ट्स ने गुरुग्राम की सड़ांध मारती कचरा समस्या पर फिर भड़काया गुस्सा. अमीर-गरीब सब हैं परेशान—‘हम गंदगी से घिरे हुए हैं.’
हालांकि सूरत भारत का पहला शहर नहीं है जहां पालतू कुत्ते के पंजीकरण के लिए पड़ोसियों से एनओसी की आवश्यकता है, लेकिन यह 10 पड़ोसियों की सहमति अनिवार्य करने वाला पहला शहर है — जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है.
भारत में इमिग्रेशन वकीलों और विशेषज्ञों ने दिप्रिंट को बताया कि चूंकि EB-1 वीज़ा श्रेणी का मकसद “देश के बेहतरीन लोगों” को वीज़ा देना है, इसलिए इन आवेदनों की जांच आमतौर पर कम सख्ती से होती है.
प्यासा और कागज़ के फूल जैसी फिल्मों में महिलाएं सिर्फ सहायक किरदार नहीं थीं, बल्कि वही थीं जो कहानी का नैतिक केंद्र बनकर पुरुष किरदारों की राह तय करती थीं.
नोएडा सेक्टर-16 के फिल्म सिटी में मारवाह स्टूडियोज़ के एक शांत कोने में छिपा है यह कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 107.4 FM, जो मिल-जुलकर एक नई पहचान गढ़ रहा है.
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.