कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'कर्नाटक ने लोकतंत्र को नई रोशनी दिखाई है. यह 6.5 करोड़ कन्नड़ लोगों की जीत है. कर्नाटक के गौरव की जीत हुई है!'
क्षेत्र में भाजपा की सीटों की संख्या 30 से घटकर 16 हो गई है. इसका अहम फैक्टर लिंगायतों में गुस्सा था, जिससे इसके कई धार्मिक और सामुदायिक नेताओं ने अपने लोगों से पार्टी का समर्थन नहीं करने को कहा था.
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले मुथालिक को 4,508 वोट मिले. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी ने हिंदुत्व के लिए पर्याप्त काम नहीं किया है.
विहिप महासचिव मिलिंद परांडे ने कहा, अगर वे (कर्नाटक की भावी कांग्रेस सरकार) केवल हिंदुओं के प्रति द्वेष के कारण बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाएंगे, तो हम भी तैयार बैठे हैं. धर्म, समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम करेंगे.
गुजरात, उत्तराखंड, और यूपी जैसे अन्य बीजेपी शासित राज्यों के विपरीत, कर्नाटक एक अपवाद था क्योंकि भ्रष्टाचार राज्य में एक प्रमुख मुद्दा बन गया था. चुनाव से पहले बोम्मई सरकार को मजबूत सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा था.
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक में बीजेपी की हार मिशन तेलंगाना को कठिन बना सकती है, तमिलनाडु सहयोगी अन्नाद्रमुक के साथ उसकी सौदेबाजी की शक्ति को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्रीय नेताओं को गति दे सकती है.
HAL इंजीनियरों को विदेशों में और IITs तथा IIMs जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण देने पर भारी निवेश करता है, लेकिन उनका पूरा और सही उपयोग नहीं हो पाता.
गुवाहाटी, 14 जनवरी (भाषा) असम की प्रमुख पाक्षिक पत्रिका 'प्रांतिक' के संपादक और प्रकाशक प्रदीप बरुआ का बुधवार शाम वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों के कारण...