जगदीश कुमार ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सीयूईटी स्कोर, न कि बारहवीं कक्षा के अंक अनिवार्य होंगे और केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी न्यूनतम पात्रता मानदंड तय कर सकते हैं.
AICTE ने कहा, आने वाले समय में आर्किटेक्ट में दाखिले के लिए, भौतिकी, रसायन शास्त्र, और गणित अनिवार्य नहीं
फैशन टेक्नोलॉजी और पैकेजिंग टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रमों के लिए भी पीसीएम को अनिवार्य नहीं बनाया गया है. मंगलवार को जारी अप्रूवल प्रोसेस 2022-23 में AICTE ने यह बात कही है.
कुमार ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा के अंक नहीं, बल्कि सीयूईटी के अंकों का उपयोग अनिवार्य होगा और केंद्रीय विश्वविद्यालय अपना न्यूनतम पात्रता मापदंड तय कर सकते हैं.
पीठ ने वकील आनंद कुमार पाण्डेय की याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी विशेषज्ञ राय की गैरमौजूदगी में सिर्फ याचिकाकर्ता की आशंका के आधार पर आवेदन पर सुनवाई नहीं की जा सकती.
नियामक संस्था ने कहा कि सीयूईटी के तहत दाखिला लेने से छात्रों को अलग-अलग प्रवेश परीक्षा देने की ज़रूरत नहीं होगी. साथ ही, इससे आरक्षण की प्रक्रिया पर 'कोई असर नहीं' होगा.
मंत्री बी.सी. नागेश का कहना है कि '99.99%' छात्र बिना हिजाब के परीक्षा दी. सोमवार को शुरू हुई 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी थी.
एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी का कहना है कि सीयूईटी में ‘मॉडल सिलेबस’ इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें एनसीईआरटी और प्रदेश बोर्ड्स के सवाल शामिल होंगे. 11वीं कक्षा तक के सवाल इस्तेमाल नहीं होंगे.
अब तक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में प्रवेश आम तौर पर बोर्ड परीक्षा में हासिल अंकों के प्रतिशत के आधार पर होता था. नए पैरामीटर में छात्रों को स्ट्रीम स्विच करने की आजादी हासिल रहेगी.
लखनऊ, 14 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दिल्ली-देहरादून-आर्थिक गलियारा औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के साथ-साथ...