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Friday, 30 January, 2026
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CBSE ने 12वीं कक्षा के पहले टर्म की परीक्षा का रिजल्ट स्कूलों को भेजा

पिछले साल सीबीएसई ने घोषणा की थी कि 2022 के लिए बोर्ड परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की जाएंगी. प्रमुख विषयों के लिए टर्म-1 परीक्षा पिछले साल 30 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच आयोजित की गई थी.

8 सेमेस्टर, 160 क्रेडिट: UGC ने तैयार किया चार साल के अंडर-ग्रेज्युएट कार्यक्रम का मसौदा

यूजीसी ने सिफारिश की है कि एक सेमेस्टर 90 कामकाजी दिवस का होगा और एक अकादमिक वर्ष को दो सेमेस्टर में बांटा जाएगा.

UGC ने PhD एडमिशन के नियम बदले, NET/JRF के अलावा 40% सीटें प्रवेश परीक्षा से भरी जाएंगी

यूनिवर्सिटी/कॉलेजों की तरफ से आयोजित की जाने वाली नई परीक्षा नेट/जेआरएफ की पूरक होगी. पॉलिसी डॉक्यूमेंट में सिलेबस, क्वालीफाइंग मार्क्स, रिसर्च संबंधी गाइडलाइंस, सुपरवाइजर के कर्तव्यों आदि के बारे में बताया गया है.

80,000 सीटें, 7 लाख आवेदक- डॉक्टर बनने के इच्छुक हजारों भारतीय बच्चे विदेश जाने के लिए मजबूर क्यों हैं

यहां तक कि डिमांड और सप्लाई में एक बड़े अंतर की वजह से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में 90 पर्सेंटाइल में स्कोर करने वाले छात्रों को भी भारत में मेडिकल सीट मिल पाना सुनिश्चित नहीं हो सकता है.

CBSE ने जारी किए दसवीं कक्षा के पहले टर्म की परीक्षा के नतीजे

बोर्ड ने पहले चरण की परीक्षा को लेकर किसी विवाद की सुनवाई के लिए ऑनलाइन विवाद निपटारा तंत्र की व्यवस्था की है और यह तत्काल उपलब्ध हो गया है.

अध्यापन में लेटरल एंट्री? UGC कर रही है PhD या NET योग्यता के बिना एक्सपर्ट्स को लाने की तैयारी

यूजीसी ने प्रस्ताव दिया है कि इंजीनियरिंग, नीति, तथा संचार आदि क्षेत्रों में इंडस्ट्री एक्सपर्ट लाए जाएं, जो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पूर्ण-कालिक और अंश-कालिक फैकल्टी सदस्यों के तौर पर पढ़ा सकें.

CBSE ने जारी की 10वीं और 12वीं कक्षा की डेटशीट, 26 अप्रैल से शुरू होंगे एग्जाम

बोर्ड ने शुक्रवार को तिथि तालिका जारी करते हुए कहा कि दोनों परीक्षाओं के बीच इस बात को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त अंतर रखा गया है कि महामारी के कारण स्कूल बंद थे.

पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए केवल जगह बदलती है, मूल समस्या नहीं

इस समय जब यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र खुद को बचाने की गुहार लगा रहे हैं, भारत में तमाम लोग इस बहस में व्यस्त हैं कि पढ़ाई के लिए विदेश जाना उनकी प्राथमिकता क्यों है. आइये जानते हैं कि उनके लिए भारत पसंदीदा ‘जगह’ क्यों नहीं है.

यूक्रेन संकट के बाद बिहार में ऊंची मेडिकल फीस का मुद्दा उठा, नीतीश ने कहा- केंद्र को पहल करनी चाहिए

बिहार में आधा दर्जन प्राइवेट कॉलेज हैं. यहां पर पांच साल की एमबीबीएस डिग्री लेने के लिए छात्रों को एक करोड़ रुपये देने होते हैं.

पहले चीन, अब यूक्रेन- कोविड और जंग के दोहरे झटके ने तमाम भारतीय छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना धूमिल कर दिया

रूस और चीन के अलावा यूक्रेन भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए एक सबसे पसंदीदा स्थल रहा है. इन विकल्पों के बाहर हो जाने के बाद फिलहाल छात्रों का भविष्य अनिश्चित लगता है.

मत-विमत

अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए विशेष दस्ता बनाया जाएगा: कर्नाटक के मंत्री

बेंगलुरु, 29 जनवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार में मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बाहर निकालने के...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.