Monday, 6 December, 2021
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CBSE ने 9वीं-10वीं के छात्रों को घर पर प्रयोग करने की अनुमति दी, पेरेंट्स ने ‘स्वयं-सीखने’ का स्वागत किया

75 प्रयोगों को सीखने वालों के लिए सुरक्षित माना गया है, जिन्हें घर पर पाई जाने वाली चीजों से किया जा सकता है. ये कदम महामारी के दौरान व्यावहारिक पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए उठाया गया है.

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नई दिल्ली: पिछले शुक्रवार केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने विज्ञान के 75 प्रयोगों की सूची संबद्ध स्कूलों को भेजी, जिन्हें 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को घर पर करने की अनुमति दी गई थी. ये सूची सीबीएसई के शैक्षणिक खंड द्वारा, महामारी में स्कूलों के बंद रहने के दौरान, व्यावहारिक पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए तैयार की गई है, और अध्यापकों ने स्वयं-सीखने की ओर उठाए गए कदम के तौर पर इसकी सराहना की है.

सीबीएसई के अनुसार, सूची में ऐसे 75 प्रयोग दिए गए हैं जिन्हें घर पर आसानी से पाई जाने वाली कच्ची सामग्री से किया जा सकता है, और जिन्हें खुद से करना सीखने वालों के लिए ‘सुरक्षित’ है. लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अभी तक 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए, इस तरह के प्रयोगों की कोई योजना नहीं है.

डीएवी पब्लिक स्कूल फरीदाबाद की साइंस टीचर मीनाक्षी अय्यर ने कहा, ‘बोर्ड ने जो शुरू किए हैं वो सब सरल से प्रयोग हैं, जिन्हें छात्र घर पर ही कर सकते हैं. ये क़दम स्वागत योग्य है; इससे उन्हें स्वयं सीखने में सहायता मिलेगी’.

निशांत अग्रवाल जो दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में, 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को विज्ञान पढ़ाते हैं, इससे सहमत थे लेकिन उन्होंने आगे कहा, कि 11वीं और 12वीं क्लास के छात्रों के लिए भी ऐसा ही प्रावधान होना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा, ‘कुछ प्रयोग ऐसे हैं जो सीनियर कक्षाओं के छात्र भी घर पर कर सकते हैं. बोर्ड को उनके लिए भी ऐसे प्रयोगों की एक सूची तैयार करनी चाहिए’.

रेखा शर्मा जैसे पेरेंट्स ने भी, जो जूनियर कक्षाओं की एक साइंस टीचर हैं, और जिनका एक बेटा 10वीं में पढ़ता है, इस पहल का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, ‘घर पर प्रयोग करने का विचार बहुत अच्छा है. छात्रों को अपने प्रेक्टिकल्स के लिए, कच्चे सामान से लेकर खुद से उपकरण स्थापित करने तक, सब कुछ स्वयं करना होगा’. उन्होंने आगे कहा कि वो भी अपने छात्रों को, विज्ञान के सरल प्रयोग घर पर करने की सलाह देती हैं.

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सूची में कौन से प्रयोग हैं?

9वीं और 10वीं क्लास के छात्रों को, सरल से प्रयोग करने के लिए स्कूल नहीं आना पड़ेगा, जैसे वाष्पीकरण और छानने की प्रक्रिया, तथा प्लांट सेल्स का अध्ययन. सीबीएसई के ट्यूटोरियल्स की मदद से, वो इन्हें घर पर ही कर पाएंगे.

29 अक्तूबर को जारी नोटिस में कहा गया, ‘सीबीएसई ने कुछ ऐसे वैकल्पिक प्रयोगों की सूची तैयार की है, जिनके लिए सरल और घरों में आसानी से उपलब्ध सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है, और जिन्हें शिक्षार्थी घर पर ही अंजाम दे सकते हैं. ये प्रायोगिक गतिविधियां इस तरह से तैयार की गई हैं, कि कक्षा 9 और 10 के लिए 2021-22 में किए जाने वाले सभी लैब प्रयोगों से, सीख के नतीजे एक जैसे आएं’.

बोर्ड ने कुछ अतिरिक्त गतिविधियों की एक और सूची भी दी है, जिन्हें छात्र अपनी व्यावहारिक पढ़ाई के तहत कर सकते हैं.

सीबीएसई ने आगे कहा कि लिस्ट में जो भी गतिविधियां शामिल की गई हैं, उन्हें सीखने वाले सुरक्षित तरीक़े से घर पर कर सकते हैं. सर्कुलर में आगे कहा गया है, ‘हालांकि जो गतिविधियां और सामग्रियां चुनी गई हैं, वो सीखने वालों के खुद करने के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन फिर भी इन्हें छात्रों को देने से पहले, अध्यापकों को इनकी समीक्षा करनी चाहिए, और अगर किसी विशिष्ट गतिविधि के लिए निगरानी की जरूरत है, तो पेरेंट्स को उसकी सलाह देनी चाहिए. इन गतिविधियों के प्रयोग को लेकर सीबीएसई एक ऑनलाइन ट्रेनिंग उपलब्ध कराएगी, जिसका विवरण अलग से बताया जाएगा’.

मिसाल के तौर पर, एक प्रेक्टिकल में पीएच पेपर/ यूनिवर्सल इंडीकेटर की मदद से, एसिड और आधार पदार्थों की पीएच वैल्यू निकालनी होती है. छात्रों से हल्दी पाउडर, सोडियम बाइकार्बोनेट (जिसे आमतौर पर बेकिंग सोडा कहा जाता है), और नींबू का इस्तेमाल करके, जो आसानी से घरों में उपलब्ध होते हैं, प्रयोग करने के लिए कहा गया है. सीबीएसई की शैक्षणिक इकाई की ओर से एक यूट्यूब वीडियो में, एक-एक कदम पर निर्देश दिए जाते हैं कि प्रयोग को कैसे किया जाए, और प्रयोग के साथ नत्थी एक विस्तृत वर्कशीट में, छात्रों को बताया जाता है कि उन्हें क्या वैल्यूज़ नोट करनी होती हैं.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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