नयी दिल्ली,16 जनवरी (भाषा) हाल में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में मामूली सुधार के बावजूद अधिकतर शीर्ष अर्थशास्त्री इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के कमजोर...
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है