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Thursday, 5 February, 2026
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उत्तरी सेना के कमांडर ने बताया किस तरह चीन लद्दाख़ में पीछे हटने पर बातचीत करने को मजबूर हुआ

ले. जन. वाईके जोशी का कहना है, कि पीएलए फिंगर्स 4 और 8 के बीच से हटने को तैयार नहीं थी, लेकिन फिर कैलाश हाइट्स पर क़ब्ज़ा करके, भारत ने चीन को अपनी शर्तों पर बातचीत करने को मजबूर कर दिया.

भारत-चीन के इन्फेंट्री सैनिक पैंगोंग त्सो के दक्षिण में कैलाश रेंज से पीछे हटने शुरू हुए

भारतीय सेना की तरफ से जारी की गई नई तस्वीरों में चीनियों को अपने टेंट और शिविर हटाते और बड़ी संख्या में वाहनों को सैनिकों और सैन्य हथियारों को वापस ले जाते देखा जा सकता है.

आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने के लिए सुरक्षा बलों को मिलेंगी भारत में बनी इजरायली असॉल्ट राइफल्स

इन असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल करने वाले विशेष बल और अन्य इन्हें पूर्व इजरायली सरकार की कंपनी इजरायल वेपंस इंडस्ट्री से आयात करते थे जिसका 2005 में निजीकरण हो गया था.

पैंगोंग त्सो से सैन्य वापसी की आलोचना करने वाले तथ्यों से अनजान हैं—पूर्व सेना प्रमुख मलिक

जनरल वी.पी. मलिक का कहना है कि झड़पों को रोकने के लिहाज से फिंगर 4 और 8 के बीच गश्त पर अस्थायी रोक खासी 'अहमियत' रखती है, और इसका यह मतलब कतई नहीं है कि यह क्षेत्र चीन के हवाले कर दिया गया है.

पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी बोले, पूर्वी लद्दाख के इलाकों से सैनिकों का पीछे हटना चीन के समक्ष आत्मसमर्पण है

ए के एंटनी ने कहा कि हम इस सरकार से जानना चाहते हैं कि पूरे भारत-चीन सीमा पर वर्ष 2020 में मध्य अप्रैल की पूर्व की स्थिति आएगी एवं इस संबंध में सरकार की क्या योजना है.

हरेक जवान वर्दी पहना किसान है, प्रदर्शनकारियों के अपमान से सीमाओं पर डटे जवानों को भी पीड़ा होगी

भारत में इस वक़्त किसान और जवान की इज़्ज़त दांव पर है, क्योंकि प्रत्येक जवान वर्दी पहना किसान है.

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने कहा कि पिछले साल जून में गलवान में 45 चीनी सैनिक मारे गए थे

एक लेख में तास ने कहा कि मई और जून 2020 में, उस इलाक़े में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कम से कम 20 भारतीय, और 45 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी.

चीन फिंगर 8 से पीछे हुआ- राजनाथ सिंह ने लद्दाख की सफलता पर क्या कहा, पढ़ें उनका पूरा भाषण

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत फिंगर 3 के पास धन सिंह थापा पोस्ट पर वापस आ जाएगा. फिर ये और फिंगर 8 के बीच का क्षेत्र दोनों पक्षों के लिए एक नो-गो जोन बन जाएगा.

भारत चीन से तीन सिद्धांतों के आधार पर गतिरोध पर समाधान चाहता है-राज्यसभा में राजनाथ बोले

राज्यसभा में रक्षी मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन भी देश की सम्प्रभुता की रक्षा के हमारे संकल्प से अवगत है. यह अपेक्षा है कि चीन द्वारा हमारे साथ मिलकर शेष मुद्दों को हल करने का प्रयास किया जाएगा.

भारत और चीन ने पैंगोंग त्सो से सैन्य वापसी शुरू की, सबसे पहले टैंक हटाए जा रहे

चीनी रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने ‘10 फरवरी को सिंक्रोनाइज और ऑर्गनाइज तरीके से वापसी’ शुरू कर दी है. भारत की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

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