धवल कुलकर्णी की किताब ‘ठाकरे भाऊ’ में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के राजनीतिक जीवन और उनके राजनीतिक दलों की विकास-यात्रा का व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण किया गया है.
'अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश' दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव का आंखों-देखा हाल बयां करने वाली किताब है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी वेब सीरीज 'तांडव' में हिंदू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने संबंधी शिकायतों का संज्ञान लिया है और अमेजन प्राइम वीडियो से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है.
‘द डिसिडेंट’ में खाशोगी की हत्या से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग, खशोगी की मंगेतर हैटिस सेनगीज की भागीदारी और अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के सेलफोन को हैक करने समेत सऊदी अरब की भूमिका का भी जिक्र किया गया है.
तमाशा मराठी की एक अद्भुत लोक नाट्य विधा है जिसे कोरोना के समय भी जिंदा रहना चाहिए. लेकिन, जमीनी कलाकारों को मौजूदा संकट से बाहर निकालने के लिए कहीं कोई कुछ खास कोशिश नहीं हो रही है.
दिप्रिंट के ऑफ द कफ में, गुलज़ार ने अपनी नई किताब ' अ पोएम अ डे ' के बारे में बात की, जो भारत की 34 भाषाओं में 279 कवियों द्वारा 365 कविताओं का एक संकलन है.
शम्सुर्रहमान फारूकी की शख्सियत, उनके काम, लेखनी और साहित्यिक दुनिया में उनके मकां को समझने के लिए दिप्रिंट ने मशहूर दास्तांगो हिमांशु बाजपेयी से बात की.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.