इस अस्सी वर्षीय आर्यसमाजी पर हमला इसलिए हुआ क्योंकि हिन्दू पुरुषों के एक समूह का मानना था कि स्वामी अग्निवेश द्वारा प्रचारित हिंदुत्व बहुत ही सहनशील और दयालु है।
डब्ल्यूटीओ की सीमाएं हैं लेकिन यह अपने आप कार्य नहीं कर सकता, इसे सदस्य राष्ट्रों की पहल की प्रतीक्षा करनी होती है. सवाल यह भी उठता है की WTO क्या कर रहा है
राहुल गांधी का मुस्लिम बुद्धिजीवी वर्ग को बुलाने का स्वागत है लेकिन चुनावी रणनीति के संदर्भ में उनकी इस पहल की स्पष्टता और 2019 के अजेंडे के बोध में कमी थी
BJP की 'सशक्तिकरण' की कहानी की चमक तब कुछ फीकी पड़ जाती है, जब 54 BJP सांसदों और विधायकों—जो किसी भी पार्टी में सबसे ज़्यादा हैं—के ख़िलाफ़ महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से जुड़े मामले दर्ज होते हैं.