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Monday, 27 April, 2026
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मत-विमत

चुनाव परिणाम किसी सामाजिक असंतोष के होने या न होने का विश्वसनीय पैमाना नहीं है

हर साल दो करोड़ नौकरियां मुहैया कराने के वादे पर आई सरकार इस दिशा में कुछ न कर पाने, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार चले जाने के बावजूद फिर सत्ता में आ गई.

नोबेल पाने वाली ओल्गा अगर भारतीय होतीं तो देशद्रोही करार दी जातीं

ओल्गा की स्पष्ट राय है कि पोलैंड को एक सहिष्णु देश बनना चाहिए- एक ऐसा देश जहां अल्पसंख्यकों के साथ कोई ज्यादती न हो. उन्होंने कहा था कि अगर हमने अतीत में ज्यादतियां की हैं, तो हमें इसकी माफी मांगनी चाहिए.

यदि नरेंद्र मोदी को नोबेल चाहिए तो वे इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद से सीख लें

अबी अहमद ने भी 2014 के मोदी के समान उम्मीद जगाई थी, लेकिन उन्होंने सचमुच में अच्छे दिन लाने का काम किया है.

निजीकरण से मोदी सरकार को मदद मिलेगी, लेकिन यह राजनीतिक जोखिम से भरा है

इस सकारात्मक पहलू पर जरूर गौर किया जाना चाहिए कि सरकारी परिसंपत्तियों के निजी हाथों में जाने से उनके बेहतर इस्तेमाल और उनकी बेहतर सेवा से व्यवस्थागत लाभ होगा, जो कि निजीकरण का असली मकसद है.

राफेल शस्त्र पूजा पर राजनाथ सिंह की आलोचना राजनीतिक आत्महत्या की तरह है

अधिक समय नहीं बीता है जब लगभग संपूर्ण भारत गणेश प्रतिमाओं को दूध पिलाने के लिए मंदिरों की कतारों में लगा था. तो फिर आज विवाद क्यों?

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा दांव चल दिया है

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में आखिरी सरकार 30 साल पहले बनी थी. इस बीच पार्टी प्रदेश की राजनीति में लगातार कमजोर होती चली गई.

भागवत ने मोदी को दी चुनौती, आर्थिक संकट के बीच ‘स्वदेशीनोमिक्स’ को पुनर्जीवित करने की दी सलाह

सरसंघचालक मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जो आर्थिक दर्शन प्रस्तुत किया है वह मोदी सरकार की हाल की आर्थिक नीतियों के बिलकुल उलट है और यह चल नहीं सकता

भागवत गाय के नाम पर मॉब लिंचिंग को भले ही पश्चिमी तरीका कहें, यह देश में होती रही है

जातियों में बिखरे लोगों को हिंदू पहचान के साथ एकजुट करने के लिए गौरक्षा का इस्तेमाल लंबे समय से चला आ रहा है. ये आंदोलन अक्सर हिंसक हो जाते हैं.

राफेल की पूजा करने पर हो रहा विवाद, टेक्नोलॉजी पर नींबू-मिर्च के हावी होने का क्या है मतलब

अंतरिक्ष में प्रयोगों से लेकर दुनिया भर में जितनी भी तकनीकी उपलब्धियां हासिल की गई हैं, वे सब विज्ञान के बूते मुमकिन हुईं. उसमें धार्मिक आस्था या चमत्कार की कोई भूमिका नहीं है.

शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए मोदी और शी को ढेर सारे व्यापार समझौते करने की जरूरत नहीं है

दोनों लोकप्रिय नेताओं को अपने समर्थकों को इस बाबत आश्वस्त करने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे क्योंकि क्षेत्र को संकटमुक्त रखना जरूरी है.

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ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

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देश

भारत खरीफ सत्र में यूरिया, अन्य उर्वरक आयात करेगा

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि इस खरीफ सत्र में 64 लाख टन यूरिया और 19 लाख...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.