महात्मा गांधी हत्यारे नाथुराम गोडसे को लेकर साध्वी प्रज्ञा, केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े और नलीन कटील के बयानों से भारतीय जनता पार्टी ने किनारा किया है.
मिर्जापुर में त्रिकोणीय मुकाबला अनुप्रिया के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी में 71 सीटें जीती थीं और अपना दल ने 2 सीटों पर कामयाबी पाई थी.
पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज और विक्रम विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. यह संसदीय क्षेत्र मुख्यरूप से ग्रामीण क्षेत्र है, लेकिन शहरी मुद्दे भी यहां हावी रहते हैं.
कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन से लेकर नक्सलबाड़ी आंदोलन, वामपंथियों व तृणमूल के शासन और अब भाजपा के पांव जमाने के प्रयासों के बीच राज्य एक सदी से भी ज़्यादा समय से राजनीतिक हिंसा का गवाह रहा है.
बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा- साध्वी प्रज्ञा के बयान से पार्टी सहमत नहीं है. हम इसकी निंद करते हैं. पार्टी उनसे मामले में सफाई देने और सार्वजनिक माफी मांगने को कहेगी.
बिहार में पटना, बेगूसराय, खगड़िया, आरा और बक्सर जैसी जगहों पर पहुंचने के बाद दिप्रिंट को एक अजीब सी समानता दिखी. इन जगहों पर लोग अपने वर्तमान सांसद से काफी नाराज़ हैं.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.