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Tuesday, 7 April, 2026

शिखा सलारिया

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मत-विमत

जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

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इंफाल, सात अप्रैल (भाषा) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने मंगलवार को बम हमला किया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो...

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