scorecardresearch
Monday, 19 October, 2026
होमदेश10 हज़ार रुपये के शांति बॉन्ड नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा

10 हज़ार रुपये के शांति बॉन्ड नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा

16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले नेहा बोरा को हिरासत में लिया था. पुलिस ने उनसे जांच के दौरान शांति बनाए रखने की गारंटी के तौर पर निजी बॉन्ड और जमानतदार देने को कहा है.

Text Size:

नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनसे शांति बनाए रखने की गारंटी के तौर पर 10,000 रुपये का निजी बॉन्ड और एक जमानतदार देने को कहा गया है. यह बॉन्ड जांच पूरी होने तक शांति बनाए रखने के लिए मांगा गया है.

नेहा बोरा की कानूनी टीम ने बताया कि इस मामले में याचिका दायर कर दी गई है. टीम ने कहा कि वह हाई कोर्ट की अवकाश पीठ के सामने जल्द सुनवाई की मांग कर रही है.

यह मामला 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस द्वारा नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद सामने आया है. उस दिन कनॉट प्लेस (राजीव चौक) में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकाला जाना था.

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार शाम मार्च में शामिल होने जाते समय बोरा को हिरासत में लिया गया था. दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया.

यह मार्च चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच निकाला गया था. प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की मांग भी कर रहे थे. प्रदर्शन शुरू होने से पहले पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था.

इस घटना के बाद प्रदर्शनों के आयोजकों और उनमें शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था.

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम बोरा और दीपके, दोनों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था. इसके बाद दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई.


यह भी पढ़ें: ‘न डरेंगे, न पीछे हटेंगे’, CJP के अभिजीत दीपके ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही


 

share & View comments