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Monday, 19 October, 2026
होमदेश‘हम चुप नहीं रहेंगे’: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पंजाब पुलिस की FIR पर कनाडाई पत्रकारों का गुस्सा

‘हम चुप नहीं रहेंगे’: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पंजाब पुलिस की FIR पर कनाडाई पत्रकारों का गुस्सा

रियल एस्टेट कंपनी GB Realty से जुड़े पोस्ट को लेकर पंजाब पुलिस की FIR का विवाद प्रधानमंत्री मोदी की दिसंबर में होने वाली कनाडा यात्रा से पहले सामने आया है.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम कनाडा यात्रा शुरू होने से पहले ही अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर एक विवाद इसके ऊपर छाने लगा है.

स्वतंत्र न्यूज संगठन Juno News के संस्थापक Keean Bexte ने कहा, “मैं भारत जैसी किसी विदेशी पुलिस स्टेट को अपने पत्रकारों को धमकी देने की इज़ाज़त नहीं दूंगा. हम सच के लिए लड़ेंगे और उनकी वजह से चुप नहीं रहेंगे.” यह बयान तब आया जब इससे जुड़े कई पोस्ट 13 अक्टूबर को पंजाब के मोहाली में दर्ज एक एफआईआर में शामिल किए गए. शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए Bexte ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे. कार्नी को भी एड्रेस किया और कहा कि उन्हें “इस व्यवहार के लिए भारत की निंदा करनी चाहिए.”

Bexte पंजाब पुलिस की उस एफआईआर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो कनाडा में कथित छात्र ग्रांट स्कैम से एक चंडीगढ़ स्थित कारोबारी समूह को जोड़ने वाले पोस्ट को लेकर कनाडा में रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों समेत कई लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है. यह जांच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में होने वाली कनाडा यात्रा से पहले शुरू हुई है. भारत और कनाडा के रिश्ते पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में लंबे समय तक खराब रहने के बाद अब आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

मामला क्या है

एफआईआर रियल एस्टेट कंपनी GB Realty की शिकायत पर दर्ज की गई है. यह कंपनी गुरिंदर भट्टी के नेतृत्व वाले Optas Group की कंपनी है. कंपनी का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों द्वारा किए गए पोस्ट से उसकी छवि खराब हुई है और इन पोस्ट का मकसद मोहाली में उसके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचाना था. एफआईआर भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 356(2) के तहत दर्ज की गई है, जो आपराधिक मानहानि से जुड़े अपराधों से संबंधित है. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 भी लगाई गई है, जो कंप्यूटर से जुड़े धोखाधड़ी वाले कामों से संबंधित है.

हालांकि, एफआईआर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है, GB Realty के वकील पारस शर्मा ने 109 सोशल मीडिया पोस्ट की एक सूची पुलिस को दी है. इन पोस्ट को इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों द्वारा किया गया बताया गया है और आरोप है कि इनमें उनके मुवक्किल को बदनाम किया गया है. पुलिस शिकायत में शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी मोहाली की एयरपोर्ट रोड और न्यू चंडीगढ़ में ज़मीन खरीदने के बाद “Punjab’s first branded residences” शुरू करने की प्रक्रिया में है. यह जमीन ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (GMADA) से खरीदी गई है.

उन्होंने दावा किया कि इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों के सोशल मीडिया पोस्ट में कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर गुरिंदर भट्टी को कथित धोखाधड़ी से जोड़ने की वजह से निवेशकों, खरीदारों, बैंकों और बिजनेस पार्टनर्स का भरोसा कमजोर हो रहा है. ये सभी उनके कारोबार के लिए जरूरी हैं.

शर्मा ने उस शिकायत में आरोप लगाया, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, “GMADA से ज़मीन खरीदने के बाद, हम एयरपोर्ट रोड, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में Punjab’s first branded residences शुरू कर रहे हैं. हाल ही में, हमारे ग्रुप की छवि खराब करने के इरादे से कुछ अज्ञात लोगों ने गलत तथ्यों के आधार पर सोशल मीडिया पर हमारी कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर के बारे में झूठी अफवाहें फैलाई हैं.”

शर्मा ने एफआईआर में आरोप लगाया, “खास तौर पर, उन्होंने (इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों ने) हमारी कंपनी के नाम को कनाडा में एक धोखाधड़ी के मामले से जोड़ने की कोशिश की है. यह आरोप पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है. यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, वीडियो और कमेंट के जरिए यह कंटेंट हमारे खिलाफ फैलाया जा रहा है.”

एफआईआर में फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर प्रकाशित कई वेब लिंक शामिल हैं. इनमें से कई लिंक पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के हैं. कुछ लिंक Juno News नाम के स्वतंत्र न्यूज संगठन से भी जुड़े हैं.

एक ‘घोटाले’ की जांच

Juno News के एक बयान में कहा गया कि वे “छात्रों की भर्ती, कथित छात्र घोटालों और पंजाब से कनाडा जाने वाले लोगों की प्रक्रिया” की जांच कर रहे थे.

एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए Juno News ने कहा, “अब भारत में पुलिस हमारी पत्रकारिता को हटाने की कोशिश कर रही है.” Juno News के बयान में कहा गया कि एक्स ने उनके “रिपोर्टर Melanie Bennet को बताया कि पंजाब की साइबर क्राइम पुलिस ने उनकी दो पोस्ट हटाने की मांग की है और आरोप लगाया है कि वे भारतीय कानून का उल्लंघन करती हैं.”

8 अक्टूबर को Bennet ने एक्स पर अपनी न्यूज रिपोर्ट पोस्ट की थी, जिसमें कहा गया था: “Gurinder Bhatti, Academy of Learning नेटवर्क के प्रमुख कारोबारी हैं, जिसके खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है. वह पंजाब में एक स्टडी अब्रॉड कंसल्टेंसी भी चलाते हैं. इस तरह उनके कारोबारी हित उस इंडस्ट्री के दोनों हिस्सों में हैं, जो छात्रों को कनाडा में बेहतर भविष्य देने का वादा करती है.”

Juno News के बयान में कहा गया, “एक विदेशी पुलिस बल कनाडा के न्यूज रूम के काम में दखल दे रहा है. हम इस धमकी को गंभीरता से लेते हैं. Melanie Bennet और Harrison Faulkner छात्र भर्ती, ओंटारियो की छात्र सहायता व्यवस्था और भारत और कनाडा को जोड़ने वाले कारोबारों से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे हैं. हम सबूतों का पीछा करने के लिए उन्हें भारत भेजने की योजना बना रहे थे. पुलिस की इस मांग से इस काम के दौरान उन्हें होने वाले खतरों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं.”

इसके बाद Juno News के संस्थापक Keean Bexte ने X का रुख किया. Juno News के योगदानकर्ता Harrison Faulkner की प्रोफाइल भी पंजाब पुलिस की एफआईआर में जुड़े यूआरएल में शामिल है. उन्होंने कहा, “मेरी एक्स प्रोफाइल और मेरी कई पोस्ट को पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट द्वारा एक्स को भेजे गए कंटेंट हटाने के आदेश में शामिल किया गया है. इसमें कोई गलती न समझें. यह एक विदेशी पुलिस बल का कनाडा के न्यूज रूम के काम में दखल देना है.”

कई दूसरे पत्रकारों ने भी Juno News का समर्थन किया है. मसलन, The National Telegram के Danial Bordman ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “इस मामले में Keean और Juno News 100 प्रतिशत सही हैं.

“पंजाब से एक बहुत बड़ा धोखाधड़ी का नेटवर्क चलाया जा रहा है और पुलिस भी शायद इसमें हिस्सा ले रही है. यह पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का इतना गंभीर उल्लंघन है कि Mark J Carney और Narendra Modi को पंजाब पुलिस के इस काम की निंदा करनी चाहिए.”

एक्स पर Kanwar Sierah के एक दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट ने भी पोस्ट किया. Sierah का नाम भी एफआईआर में शामिल है. पोस्ट में कहा गया, “OSAP घोटाले और इसमें शामिल लोगों के बारे में रिपोर्ट करने पर भ्रष्ट भारतीय पुलिस, पंजाब पुलिस ने 35 कनाडाई नागरिकों (जिनमें कनाडाई पत्रकार भी शामिल हैं) के खिलाफ झूठा पुलिस केस दर्ज किया है.”

सिएरा ने कहा कि कैनेडियन पुलिस ओंटारियो प्रांतीय पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और बॉर्डर सर्विस NOR “इस बहुत बड़े धोखाधड़ी के मामले में आरोप लगाने और इसमें शामिल एकेडमी ऑफ लर्निंग के ठिकानों के कथित मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम हैं, जबकि भारतीय पुलिस अधिकारी पहले ही कैनेडियन आवाजों को दबा रहे हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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