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Sunday, 18 October, 2026
होमदेश‘न डरेंगे, न पीछे हटेंगे’, CJP के अभिजीत दीपके ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही

‘न डरेंगे, न पीछे हटेंगे’, CJP के अभिजीत दीपके ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही

दीपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका के लौटने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को उन्होंने गैरकानूनी बताया.

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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि कथित गैरकानूनी गिरफ्तारियों और हिरासत के बावजूद वह और उनके साथी अपनी कोशिशें जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका के लौटने के बाद वे दोबारा एकजुट होकर आगे की रणनीति बनाएंगे.

दीपके ने उम्मीद जताई कि दोनों को रविवार को रिहा कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि वह कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वकील वृंदा ग्रोवर से मिलने जा रहे हैं.

दीपके ने कहा, “सौरव और आशु के आने के बाद हम सब इकट्ठा होंगे, दोबारा रणनीति बनाएंगे और तय करेंगे कि आगे कैसे बढ़ना है. पिछले कुछ दिनों में हमने जो देखा है, जिसमें गैरकानूनी गिरफ्तारियां और हिरासत में लिया जाना शामिल है, उससे साफ है कि हमें डराने की कोशिश की जा रही है. लेकिन हम न तो डरेंगे और न ही पीछे हटेंगे. यह लंबी लड़ाई है और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं. उम्मीद है कि उन दोनों को आज रिहा कर दिया जाएगा. मैं इससे जुड़े कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वृंदा मैम से मिलने जा रहा हूं.”

शनिवार को दीपके को सशर्त जमानत दी गई थी. इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले उन्हें हिरासत में लिया था. दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा किया गया. पुलिस के मुताबिक, रिहाई के लिए शांति बनाए रखने से जुड़ा बॉन्ड भरना जरूरी था.

दीपके को शुक्रवार को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत मध्य दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लागू थी. इसके बाद उनके खिलाफ BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत एक नई निवारक कार्रवाई में मामला दर्ज किया गया. यह कार्रवाई 10 अक्टूबर को हुई कार्रवाई से अलग थी.

मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने दीपके की पेशी से पहले, CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए.

ये विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्ष के व्यापक अभियान का हिस्सा हैं. INDIA गठबंधन की पार्टियां, छात्र संगठन और कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हैं.

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