दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच 11 अप्रैल को होने वाली यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध की छाया में हो रही है और मॉस्को द्वारा दिखाई गई आक्रामकता की प्रतिक्रिया में नई दिल्ली और वॉशिंगटन पूरी तरह से एकसमान रुख वाले नहीं हैं.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.