मुगल दौर के बंदरगाहों से लेकर डचों से हुए समुद्री युद्धों और बॉम्बे के व्यापारी घरानों तक — गुजराती मुस्लिमों ने कभी हिंद महासागर की दुनिया को आकार दिया था, बहुत पहले, जब उनके एक वंशज ने न्यूयॉर्क जीता.
यूनिवर्सिटी में काम करने वाले एक डॉक्टर ने कहा, ‘अभी एडमिशन का टाइम है, अगर यूनिवर्सिटी की छवि खराब हुई तो एडमिशन पर असर पड़ेगा. हम जांच एजेंसियों की मदद कर रहे हैं.’
चिनाब नदी के किनारे रहने वाले 23 साल के एक युवक ने कहा, ‘अगर हम इसकी धार को यूं ही समेटते रहे, तो ये ज़रूर हमारे घरों में घुस आएगी. इसे गुस्सैल नदी कैसे कह सकते हैं, इसमें नदी की गलती तो नहीं है.’
मंडल की राजनीति ने पिछड़ों, दलितों और अति पिछड़ों की पहचान को राजनीतिक चेतना में बदल दिया है. ऐसे में, RSS का एकीकृत हिंदू समाज का विचार उस विविधता से टकराता है जो बिहार की राजनीति की आत्मा है.
प्रवासियों और उनके परिवारों के एक बड़े वर्ग की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव आ रहा है. इससे उन्हें समाज में सम्मानजनक दर्जा हासिल करने में मदद मिल रही है.
चिनाब नदी के किनारे रहने वाली 23 साल की युवती ने कहा, “अगर हम इसका तल लगातार छोटा करते रहेंगे, तो यह जरूर हमारे घरों में घुसेगी. इसे गुस्साई नदी कैसे कह सकते हैं, गलती नदी की नहीं है.”
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.