पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, 'वह सभी भारतवासियों के प्रधानमंत्री हैं. उनका आचरण अवश्य योग्य होना चाहिए और प्रधानमंत्री के तौर पर उनके दायित्व के अनुरूप होना चाहिए.'
कमज़ोर शासन, भ्रष्टाचार और गरीबी भारत में आदिवासी जीवन की पहचान बने हुए हैं. इंडस्ट्रियल और माइनिंग प्रोजेक्ट्स शुरू होने से आदिवासियों के मुकाबले ठेकेदारों, नेताओं और अधिकारियों को ज़्यादा फायदा हुआ है.