बिहार के कई दिग्गज नेता इस बार के चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बता कर या फिर क्षेत्र विशेष से अपने संबंधों की दुहाई देकर मतदाताओं को भावनात्मक तौर पर रिझाने का प्रयास कर रहे हैं.
मायावती को बताना होगा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के दलितों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कब और कौन सी पहल की? मायावती ने अपने चार बार के मुख्यमंत्री काल में मुसलमानों का कितना कल्याण किया.
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दशकों से बाहुबलियों की अपनी खास पहचान रही है. दीगर बात है कि इन दिनों इनकी गैरमौजूदगी में छद्म शुचिता के कारण इनका स्थान पत्नियों ने ले लिया है.
'हमारी सरकार ने देशहित को सर्वोपरि रहते हुए आतंकवादियों पर कार्रवाई की है. हमने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा है. यह नया हिंदुस्तान है ये घर में घुसकर मारता है.
प्रियंका गांधी ने मोदी की तुलना कौरव वंश के दुर्योधन से की थी जिसे उसकी अहंकार के लिए जाना जाता था. इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री को स्कूल का वह बच्चा बताया जो असफल होने के बाद बहाने ढूंढता है.
शिवराज के परिजनों ने आवेदन दिया था और हमारी कांग्रेस की सरकार ने उनका कर्ज माफ किया गया है. सबूत के तौर पर उन सबके आवेदन की फोटो कॉपी शिवराज को भेजी जाएंगी.
बसपा दिल्ली की सात में से पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. उत्तर पूर्व दिल्ली से राजवीर सिंह मैदान में हैं. उन्हें समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त है.
AAP सरकार ने बेअदबी के मामलों में जवाबदेही के मुद्दे से अपने किसी भी पूर्ववर्ती की तुलना में कहीं अधिक राजनीतिक लाभ उठाया है. अब उसके पास यह अवसर भी है—और दायित्व भी—कि वह अपनी इस बयानबाज़ी को अदालत में अपने प्रदर्शन से साबित करे.