दिल्ली हिंसा पर सदन में चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, '27 तारीख़ से अब तक 700 एफ़आईआर दर्ज की गई है और कुल 2647 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.
चार बार सांसद चुने गए ज्योतिरादित्य सिंधिया पिता माधवराव की मौत के बाद कांग्रेस में शामिल हुए थे और उन्होंने 18 वर्षों तक पार्टी का साथ दिया. वह दोनों ही यूपीए सरकारों में मंत्री रहे.
सिंधिया ने कहा, 'मेरे जीवन में दो तारीखें महत्वपूर्ण रही हैं. एक जब मैंने अपने पिता को खोया था और दूसरी कल जब मैंने नया रास्ता चुनने का फैसला लिया. कांग्रेस अब वो पार्टी नहीं रह गई है जो वो पहले थी.'
कांग्रेस नेता शोभा आझा ने पूरे घटनाक्रम पर कहा कि हम सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे. बंगलुरू में मौजूद जो भी विधायक थे उन्हें भ्रमित किया गया. वे हमारे साथ हैं. यहां तक कि भाजपा के विधायक भी हमारे संपर्क में हैं.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सिंधिया के इस्तीफे पर कहा, 'पार्टी के लिए नुकसान है और मुझे नहीं लगता कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बचेगी. भाजपा की यही राजनीति है. विपक्ष की सरकारों को घेरना.'
सिंधिया ने इस्तीफे में लिखा है कि वो पिछले 18 सालों से कांग्रेस के सदस्य थे. उन्होंने लिखा कि मेरा लक्ष्य देश के लोगों के लिए काम करना रहा है और मेरा मानना है कि अब इस पार्टी में रहकर मैं यह नहीं कर सकता.