यूपी में सात सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 6 सीटें जीती हैं, इसके बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी ने प्रदेश में अपनी मजबूती दिखा दी है.
दिप्रिंट के ऑफ द कफ़ में, कांग्रेस लीडर शशि थरूर कहते हैं, कि अगर पार्टी बीजेपी की तरह बनने की कोशिश करेगी, तो वो कांग्रेस-ज़ीरो बन जाएगी. उन्होंने ये भी कहा कि उदारीकरण के बाद, कांग्रेस वाम-पंथी नहीं रही है.
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना एक प्रकार से जनमत का अपमान है. भाजपा ने ओवैसी और चिराग पासवान को 'मोहरा ' बनाया.
हम घंटों इस बात पर बतियाते रह सकते हैं कि कैसे नीतीश कुमार का कद इस चुनाव में छोटा हुआ और ये भी कि क्या कांग्रेस को 70 सीटों पर लड़ने का मौका देना एक गलती थी. लेकिन, इसके तुरंत बाद ही हमारे मन में ये जानने की खुजली मचेगी कि आईपीएल के फायनल में क्या हुआ?
भाजपा के पास बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में अब जदयू से अधिक सीटें हैं, इसका नतीजा संभवत: नई सरकार में राष्ट्रीय दल के अधिक प्रतिनिधित्व के रूप में सामने आएगा.
चिराग पासवान की पार्टी ने 135 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किये थे लेकिन सिर्फ बेगूसराय की मटिहानी सीट से राजकुमार सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे जहां उन्होंने जदयू के बाहुबली उम्मीदवार बोगो सिंह को हराया.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.