बनर्जी ने केंद्र सरकार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती भी दी और पश्चिम बंगाल को ‘दंगा प्रभावित’ गुजरात में बदलने का प्रयास करने के लिए उसकी आलोचना की.
मोदी ने कहा, ‘आज जो लोग विपक्ष में बैठकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, वह भी अपनी सरकार के समय इन कृषि सुधारों के समर्थन में थे. लेकिन अपनी सरकार के रहते वे निर्णय नहीं ले पाए. किसानों को झूठे दिलासे देते रहे.’
विधान परिषद में विपक्ष के नेता एस आर पाटिल ने आरोप लगाया कि उप सभापति ने नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ कुर्सी पर कब्जा कर लिया और यह संविधान के खिलाफ था.
बीजेपी किसान नेताओं का कहना है, कि सरकार को संवेदनशील होना चाहिए और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारी एकजुट रहे, तो आंदोलन देश के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है.
बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद चुनाव में 40 में से 9 सीटों पर जीत के साथ किंगमेकर बनकर उभरी भाजपा ने अपनी सहयोगी और सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बीपीएफ के बजाये यूपीपीएल और जीएसपी के साथ गठजोड़ करने का विकल्प चुना.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना घर छोड़कर जायज़ मांगों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को खुले आसमान के नीचे बैठे करीब तीन हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन सरकार मानो अपनी आंखें बंद किए बैठी है.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?